गिरिडीह: जिले के गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में विभागीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। नवजात शिशुओं और प्रसूता माताओं के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई बेबी किट वितरण के अभाव में खराब होकर कूड़े में तब्दील हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल परिसर के एक कमरे में कई एक्सपायर दवाइयां भी लंबे समय से पड़ी मिली हैं।
पुराने अस्पताल परिसर के एक कक्ष से सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में बेबी किट धूल, सीलन और गंदगी के बीच बिखरी दिखाई दे रही हैं। कई पैकेट फटे हुए हैं और उनके भीतर रखी सामग्री उपयोग के लायक नहीं बची है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार ये किट कई महीनों से बिना वितरण के कमरे में पड़ी हुई थीं।
नियमों के अनुसार सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव के बाद प्रत्येक प्रसूता को निःशुल्क बेबी किट उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन गावां CHC में स्टॉक मौजूद रहने के बावजूद लाभुकों तक इसका वितरण नहीं किया गया, जिससे पूरी खेप बर्बाद हो गई। हालांकि ये किट किस अवधि की हैं और कितने समय से यहां रखी गई थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि एक ओर आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करती हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए उपलब्ध संसाधन लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं। यह सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता नहीं बल्कि सरकारी संसाधनों की बड़ी बर्बादी का मामला माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।











