गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र से मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत में धान रोपाई का कार्य पूरा करने के बाद अन्य महिलाओं के साथ पेड़ के नीचे बैठकर भोजन कर रही 35 वर्षीय महिला पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात इतना तेज था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, जबकि मृतका के तीन छोटे-छोटे बच्चों की चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
खेत में काम के बाद भोजन कर रही थी महिला, अचानक गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान पटना चौक निवासी पूनम देवी (35 वर्ष), पति प्रवीण सिंह के रूप में हुई है। मंगलवार सुबह से पूनम देवी अन्य महिलाओं के साथ खेत में धान रोपाई का कार्य कर रही थीं।
दोपहर में सभी महिलाएं पटना चौक स्थित भेलवा मुख्य पथ के किनारे एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन कर रही थीं। इसी दौरान बिना बारिश के अचानक तेज गर्जना हुई और आकाशीय बिजली सीधे पेड़ के पास गिरी। इसकी चपेट में आने से पूनम देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
तीन मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, दिल्ली में मजदूरी करते हैं पति
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अपनी मां के शव से लिपटकर बिलखते तीन छोटे बच्चों का दर्दनाक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें भर आईं।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के पति प्रवीण सिंह दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पत्नी की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर बंधाया ढांढस, मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर पटना पंचायत के मुखिया पति राजेंद्र दास, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र चौधरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता, मुआवजा तथा अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि तीनों बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू
सूचना मिलने के बाद गावां थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्यों खतरनाक होता है पेड़ के नीचे रुकना?
विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक या वज्रपात की आशंका के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। पेड़ बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिससे उसके आसपास मौजूद लोगों के प्रभावित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े या बैठने से बचें।
- खुले खेतों और ऊंचे स्थानों से तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
- बिजली कड़कने के समय मोबाइल या धातु की वस्तुओं का अनावश्यक उपयोग न करें।
- पक्के भवन या सुरक्षित आश्रय में शरण लें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
गिरिडीह के गावां थाना क्षेत्र में हुआ यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मौसम सामान्य दिखने पर भी आकाशीय बिजली का खतरा बना रह सकता है। एक पल में तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। ऐसे हादसों से बचने के लिए मौसम संबंधी सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।












