गिरिडीह |
झारखंड आंदोलन के महानायक, पूर्व मुख्यमंत्री और पद्मभूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को पूरा गिरिडीह श्रद्धा और सम्मान से सराबोर नजर आया। जिले के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नवनिर्मित बस स्टैंड चौक का नाम बदलकर ‘पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक’ रखा गया, जिसका विधिवत उद्घाटन झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने किया।
बस स्टैंड चौक का हुआ नामकरण, स्मारक और नामपट्ट का हुआ लोकार्पण
झामुमो की ओर से आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शिबू सोरेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद बस स्टैंड चौक के नए नाम ‘पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक’ का अनावरण किया गया। इस अवसर पर स्मारक और नामपट्ट का भी विधिवत उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के बीच इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।

श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, छलक पड़े आंसू
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि दिशोम गुरु केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान, संघर्ष और करोड़ों लोगों की उम्मीदों के प्रतीक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड राज्य के निर्माण, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों और गरीबों की आवाज़ बुलंद करने में समर्पित कर दिया।
अपने संबोधन के दौरान मंत्री भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ पल के लिए वे अपनी बात भी पूरी नहीं कर सके। मंत्री की भावुकता देखकर कार्यक्रम स्थल का माहौल गमगीन हो गया और कई कार्यकर्ताओं की आंखें भी नम हो गईं।
उन्होंने कहा कि अब केवल “शिबू सोरेन जिंदाबाद” नहीं, बल्कि “दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें” का उद्घोष होगा। इसके बाद पूरा परिसर “दिशोम गुरु अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

गिरिडीह में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने की उठी मांग
कार्यक्रम के दौरान कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने गिरिडीह शहर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन फुटबॉल टूर्नामेंट’ का हुआ शुभारंभ
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद झंडा मैदान में ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन फुटबॉल टूर्नामेंट’ का शुभारंभ किया गया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और नई पीढ़ी तक दिशोम गुरु के संघर्ष, विचारों तथा समाज के प्रति उनके योगदान को पहुंचाना है।

कांग्रेस ने भी दी श्रद्धांजलि, बताया देश की अमूल्य धरोहर
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से भी शिबू सोरेन चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि दिशोम गुरु केवल झारखंड के नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर थे। उनका संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

बड़ी संख्या में जुटे जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झामुमो और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिशोम गुरु की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
श्रद्धांजलि सभाओं में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और झारखंड की अस्मिता के लिए समर्पित रहा। उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उनके विचारों और योगदान से जोड़ने का भी संकल्प लिया गया।











