गिरिडीह (झारखंड)। पचंबा थाना क्षेत्र के कल्याणडीह गांव में अवैध महुआ शराब के कारोबार के खिलाफ सोमवार रात महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर पचंबा थाना पहुंचीं और जोरदार प्रदर्शन करते हुए अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में लंबे समय से खुलेआम महुआ शराब का अवैध कारोबार चल रहा है, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि शराब के नशे में धुत लोग आए दिन गांव में हंगामा करते हैं, जिससे महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोग विरोध करने वालों को धमकाते हैं और कई बार मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। इसी कारण कई ग्रामीण डर के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पाते।
आपूर्ति नेटवर्क को लेकर भी आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गडरमा से लेकर कल्याणडीह तक लगातार अवैध महुआ शराब की आपूर्ति की जा रही है। लोगों ने दावा किया कि कई बार शराब की खेप पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन कथित प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण आरोपी बच निकलते हैं।
पुलिस से कार्रवाई का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बाद में पचंबा थाना के थाना प्रभारी राजीव कुमार ने महिलाओं को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ और महिलाएं वापस लौट गईं।
समाज में बढ़ता आक्रोश
स्थानीय समाजसेवियों ने भी महिलाओं की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
गांवों में बढ़ते नशे और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।












