गिरिडीह
जन्म से पहले की वसीयत के सहारे 1.69 करोड़ की कथित ठगी, जमुआ से गिरफ्तार हुआ अनूप राय
गिरिडीह जिले में करोड़ों रुपये की कथित जमीन ठगी के मामले में पचंबा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमीन और मकान बेचने के नाम पर 1 करोड़ 69 लाख 67 हजार 1 रुपये की कथित ठगी के आरोपी अनूप कुमार राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपी को गुरुवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर जमुआ थाना क्षेत्र के टीकामघा से उसकी कार सहित गिरफ्तार किया गया।
गुप्त सूचना पर जमुआ से हुई गिरफ्तारी
पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस को आरोपी के जमुआ क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, अनूप कुमार राय के खिलाफ झारखंड समेत कई राज्यों में धोखाधड़ी के 40 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।

2.25 करोड़ में हुआ था जमीन और मकान का सौदा
यह मामला कृष्णानगर निवासी राजीव रंजन की शिकायत पर पचंबा थाना में दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार, राजीव रंजन ने अपने तीन साथियों के साथ मकतपुर बरगंडा स्थित श्यामकुंज के पास जमीन और मकान खरीदने का सौदा किया था। 19 जून 2022 को दोनों पक्षों के बीच 2 करोड़ 25 लाख रुपये में बिक्री का एग्रीमेंट हुआ था।
समझौते के तहत पहले 51 लाख रुपये अग्रिम दिए गए, जबकि बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 1 करोड़ 69 लाख 67 हजार 1 रुपये आरोपी को भुगतान किए गए।

जन्म से पहले की वसीयत दिखाकर किया संपत्ति पर दावा
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अनूप कुमार राय ने संपत्ति पर अपना अधिकार साबित करने के लिए 10 दिसंबर 1976 की एक रजिस्टर्ड वसीयत प्रस्तुत की।
हालांकि दस्तावेजों की जांच के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जांच में पता चला कि अनूप कुमार राय की जन्मतिथि 22 जुलाई 1978 है। यानी जिस वसीयत के आधार पर उसने संपत्ति पर दावा किया, वह उसके जन्म से करीब डेढ़ वर्ष पहले की है।
इसी आधार पर शिकायतकर्ताओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है।

संपत्ति पहले से विवादित, पहले भी हो चुका था एग्रीमेंट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस संपत्ति का सौदा किया गया था, उसका एग्रीमेंट पहले ही रामदेव सिंह के साथ किया जा चुका था। इसके अलावा इस संपत्ति को लेकर विवाद नगर थाना और एसडीएम कोर्ट में पहले से लंबित है।
अन्य आरोपियों की भूमिका की भी होगी जांच
थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, संपत्ति के स्वामित्व और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












