गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी थाना की पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। बहन को न्याय दिलाने के नाम पर पीड़ित के भाई से कथित रूप से पैसे लेने के आरोप में तिसरी थाना के सब इंस्पेक्टर (एसआई) नंद जी राय को पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पीड़ित ने लगाया 60 हजार रुपये लेने का आरोप
तिसरी थाना क्षेत्र के लोकाय निवासी मो. तासीर ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन के मामले में न्याय दिलाने के लिए एसआई नंद जी राय ने उनसे 60 हजार रुपये लिए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस रकम का उपयोग थाना प्रभारी और एसडीपीओ तक पहुंचाने के नाम पर किया गया था। आरोप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो
मामले के बीच एसआई नंद जी राय का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में वे कथित रूप से तीन महीने में तीन किश्तों के माध्यम से पैसे लौटाने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पूछताछ में पैसे लेने की बात स्वीकारने का दावा
खोरीमहुआ के वर्तमान एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान एसआई नंद जी राय ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है। हालांकि उन्होंने कितनी राशि ली थी, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
किसान जनता पार्टी ने निकाला आक्रोश मार्च
घटना के विरोध में किसान जनता पार्टी के नेतृत्व में गिरिडीह में आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर मानते हुए विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब तक की जांच में निवर्तमान थाना प्रभारी और तत्कालीन एसडीपीओ की संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
तिसरी पुलिस पर लगे इस आरोप ने पुलिस कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले पर स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।












