गिरिडीह
गिरिडीह पुलिस और कोबरा-209 की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता
गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर एवं 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने सहित 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में चलाया गया संयुक्त ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के बाद गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर ग्राम पिपराडीह (खवासटांड़ टोला) के घने जंगलों की घेराबंदी की गई, जहां से अजय महतो को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वर्ष 2005 से नक्सली संगठन में था सक्रिय
एसपी डॉ. विमल कुमार के अनुसार, अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। संगठन में उसकी मुख्य जिम्मेदारी लेवी वसूली, हथियार एवं विस्फोटकों की व्यवस्था करना और बड़े नक्सली हमलों की योजना बनाना था।
वह पारसनाथ, सारंडा और लुगू पहाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रह चुका है। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के आरोप में हत्याएं, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले, आईईडी विस्फोट और सरकारी संपत्तियों को उड़ाने जैसी कई गंभीर वारदातों के मामले दर्ज हैं।
गिरिडीह समेत कई जिलों में दर्ज हैं 240 से अधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय महतो के खिलाफ केवल गिरिडीह जिले में 68 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला-खरसावां सहित अन्य जिलों में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कुल मिलाकर उसके खिलाफ 240 से अधिक मामले लंबित हैं, जो उसे झारखंड के सबसे वांछित नक्सली कमांडरों में शामिल करते हैं।
माओवादी नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि अजय महतो की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई गिरिडीह सहित पूरे झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुलिस ने नक्सली संगठन से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।











