झारखंड के गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। रात के अंधेरे में एक नवजात शिशु को सड़क किनारे छोड़कर उसकी मां फरार हो गई। देर रात मासूम के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण और समाजसेवी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद समय रहते नवजात की जान बचाई जा सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर लोगों ने देखा कि कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु सड़क के किनारे बेसहारा अवस्था में पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे के साथ कोई महिला या परिजन मौजूद नहीं मिला।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना गावां थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लेकर प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा।
चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से नवजात की जान बचाई जा सकी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर कोई मां अपने नवजात को इस तरह बेसहारा कैसे छोड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, पुलिस नवजात की मां और उसके परिजनों की पहचान करने में जुट गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संभावित सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। वहीं, नवजात को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बच्चे की सुरक्षा तथा समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












