चंडीगढ़ की तर्ज पर गिरिडीह में बनेगा स्क्रैप रॉक गार्डन, पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
गिरिडीह अब पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। चंडीगढ़ के विश्व प्रसिद्ध रॉक गार्डन की तर्ज पर जिले में भी स्क्रैप (कबाड़) से तैयार होने वाला अत्याधुनिक रॉक गार्डन विकसित किया जाएगा। यह अनोखा थीम पार्क न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रिसाइक्लिंग और रचनात्मक कला का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगा।
लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना पचंबा स्थित कल्याणडीह वन नगर के 28 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

भूमि पूजन के साथ परियोजना का हुआ शुभारंभ
शनिवार को झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा गिरिडीह नगर निगम की महापौर प्रमिला मेहरा ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल के वन संरक्षक सह वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी अंकित कुमार सिंह, नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुआ, सहायक वन संरक्षक संजीव कुमार रवि सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कबाड़ से बनेगी कला की नई दुनिया
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों का वास्तविक स्वामी आम नागरिक है और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में बेकार पड़े स्क्रैप और कबाड़ से आकर्षक मूर्तियां, कलाकृतियां, सजावटी संरचनाएं और थीम आधारित इंस्टॉलेशन तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा शहर के अन्य पार्कों में भी स्क्रैप से निर्मित कलाकृतियां स्थापित करने की योजना है, जिससे रिसाइक्लिंग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
झरने, पूल और प्राकृतिक सौंदर्य से सजेगा पार्क
पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि यह परियोजना चंडीगढ़ के प्रसिद्ध रॉक गार्डन की अवधारणा से प्रेरित होगी।
पार्क की प्रमुख विशेषताएं
- 28 एकड़ में विकसित होगा विशाल थीम पार्क।
- लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत।
- स्क्रैप और कबाड़ से तैयार होंगी आकर्षक कलाकृतियां।
- कृत्रिम झरने और सुंदर वाटरफॉल।
- आकर्षक पूल और जल संरचनाएं।
- घुमावदार वॉकिंग ट्रैक।
- प्राकृतिक हरियाली और बैठने की आधुनिक व्यवस्था।
- पर्यावरण संरक्षण और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा।
- परिवारों और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रैप रॉक गार्डन बनने के बाद गिरिडीह में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे व्यवसायों को लाभ मिलेगा और जिले की पहचान राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकेगी।
साथ ही यह पार्क लोगों को यह संदेश भी देगा कि बेकार समझे जाने वाले कबाड़ का भी रचनात्मक और उपयोगी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।

पर्यावरण संरक्षण का बनेगा प्रेरणास्रोत
यह परियोजना केवल एक पर्यटन स्थल नहीं होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और रिसाइक्लिंग का जीवंत उदाहरण बनेगी। स्क्रैप से तैयार होने वाली कलाकृतियां आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग का संदेश देंगी।

गिरिडीह में बनने वाला स्क्रैप रॉक गार्डन जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चंडीगढ़ की तर्ज पर तैयार होने वाला यह थीम पार्क पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और कला का अनूठा संगम होगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह न केवल झारखंड बल्कि देशभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।











