गिरिडीह, 21 जून। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में भव्य सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान योग के महत्व के साथ-साथ नशा मुक्ति का संदेश भी दिया गया।
योग शिविर में उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, नगर निगम की महापौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षित योग शिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। योग विशेषज्ञों ने नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी।
नशा मुक्ति रैली निकालकर किया जागरूक
योग शिविर के बाद जिला प्रशासन के नेतृत्व में नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी ने शहर में पदयात्रा कर लोगों को नशा छोड़ने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया।
योग भारत की प्राचीन विरासत : उपायुक्त
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से संतुलित बनाता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक है। इससे पारिवारिक संबंध कमजोर होते हैं, आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने नियमित योगाभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि योग और जनजागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।












