गिरिडीह शहर के धरियाडीह इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने कुछ देर के लिए पूरे मोहल्ले की सांसें थमा दीं। रिहायशी इलाके की झाड़ियों में करीब 7 फीट लंबा और 13 किलो वजनी भारतीय अजगर दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। लेकिन समय रहते सर्प मित्र रॉकी नवल और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर का सफल रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
शुक्रवार को धरियाडीह के आवासीय क्षेत्र में अचानक झाड़ियों के बीच विशालकाय भारतीय अजगर नजर आया। अजगर को देखते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सर्प मित्र रॉकी नवल अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। इसके बाद पूरी सावधानी, धैर्य और पेशेवर तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू पूरा होने के बाद अजगर को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। इस सफल अभियान के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और रॉकी नवल की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की।

रॉकी नवल ने बताया कि भारतीय अजगर जहरीला नहीं होता, लेकिन यह एक शक्तिशाली शिकारी है और छोटे जानवरों के साथ-साथ छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बन सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने की कोशिश करें। तुरंत प्रशिक्षित सर्प मित्र या संबंधित विभाग को सूचना दें।
धरियाडीह की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि वन्यजीव कभी भी रिहायशी इलाकों में पहुंच सकते हैं। ऐसे में घबराने की बजाय सतर्क रहें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और विशेषज्ञों को सूचना दें। आपकी एक सही पहल इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की भी जान बचा सकती है।











