गिरिडीह: नगर थाना क्षेत्र के बक्शीडीह रोड में देर रात दुकान तोड़ने के कथित प्रयास को लेकर विवाद सामने आया है। दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि 12 अगस्त की रात कुछ लोगों ने उनकी दुकानों को तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर पंकज कुमार सहित अन्य दुकानदारों ने नगर थाना में आवेदन देकर सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
करीब 20 वर्षों से संचालित हो रही हैं दुकानें
पंकज कुमार, पिता शाहदेव लाल बरनवाल, के अनुसार वह पिछले करीब 20 वर्षों से बक्शीडीह रोड स्थित भवन में बिजली की दुकान चला रहे हैं। इसी भवन में पांच अन्य दुकानें भी लंबे समय से संचालित हैं।
देर रात दुकान तोड़ने का आरोप
दुकानदारों के आवेदन के मुताबिक, 12 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच कुछ लोगों द्वारा दुकान तोड़ने का प्रयास किया गया। जानकारी मिलने पर दुकानदार मौके पर पहुंचे और कथित रूप से चल रहे काम को रुकवाया।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई साविता देवी, उनके पति शंकर साव और उनके पुत्र द्वारा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर की गई। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
संपत्ति विवाद को लेकर कोर्ट में लंबित हैं मामले
आवेदन में दुकानदारों ने बताया है कि संबंधित संपत्ति को लेकर करीब सात वर्षों से सिविल कोर्ट में टाइटल सूट संख्या 56/20 लंबित है। इसके अलावा एसडीएम कोर्ट में Eviction Suit No. 01/26 भी लंबित होने की बात कही गई है।
दुकानदारों का आरोप है कि विवाद और न्यायिक मामले लंबित होने की जानकारी के बावजूद दुकान तोड़ने का प्रयास किया गया।
छह दुकानदारों ने मांगी सुरक्षा
पंकज कुमार के साथ सुनील कुमार, पवन कुमार तर्वे, पिंटू कुमार गुप्ता, राजेश कुमार साव और कुणाल कुमार ने नगर थाना में आवेदन देकर उचित कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि वे बिना भय के अपनी दुकानें संचालित करना चाहते हैं।
दूसरे पक्ष ने भी लगाया जबरन घुसने का आरोप
वहीं, मामले में दूसरे पक्ष के शंकर साव ने आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वह अपनी जमीन पर काम करवा रहे थे। इसी दौरान करीब 10-12 दुकानदार जबरन उनकी संपत्ति में घुस आए और काम रुकवा दिया। शंकर साव के अनुसार, वहां मौजूद औजार भी दुकानदार अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह लिखित शिकायत करेंगे।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। मामले में पुलिस जांच और दोनों पक्षों के दावों के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।












