गिरिडीह रेलवे स्टेशन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को लंबे समय तक नहीं फहराए जाने के मामले में रेलवे प्रशासन ने संज्ञान लिया है। सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल की शिकायत का असर दिखने लगा है। मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक रत्नेश कुमार झा के पास अग्रसारित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरिडीह रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज को लगभग एक माह पूर्व उतार लिया गया था, लेकिन उसके बाद दोबारा तिरंगा नहीं फहराया गया। इसे लेकर सुनील कुमार खंडेलवाल ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजते हुए कहा था कि राष्ट्रीय ध्वज देश की अस्मिता, गौरव और सम्मान का प्रतीक है तथा किसी भी सरकारी संस्थान का यह संवैधानिक और नैतिक दायित्व है कि वह उसके सम्मान और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित करे।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि रेलवे प्रशासन के पास सामान्यतः राष्ट्रीय ध्वज के वैकल्पिक सेट उपलब्ध रहते हैं, ताकि किसी कारणवश ध्वज उतारने की स्थिति में दूसरा ध्वज तत्काल फहराया जा सके। इसके बावजूद गिरिडीह रेलवे स्टेशन पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराया जाना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
सुनील कुमार खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई बार राष्ट्रीय ध्वज हटाए जाने के बाद नया ध्वज तभी लगाया गया, जब इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। इससे स्थानीय रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं कि क्या राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में स्वतः संज्ञान लेने के बजाय शिकायतों की प्रतीक्षा की जाती है।
रेलवे प्रशासन द्वारा मामले को रेलवे बोर्ड के समक्ष भेजा जाना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब लोगों की निगाहें रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।
राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में इसके सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार्य नहीं हो सकती। शिकायतकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने भरोसा जताया है कि गिरिडीह रेलवे स्टेशन पर जल्द ही राष्ट्रीय ध्वज पुनः फहराया जाएगा।











