गिरिडीह
गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कोलडीहा में शनिवार की अहले सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे बोरिंग कार्य में लगे बोरवेल वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बोरवेल वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे ट्रक चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सुबह 4 बजे हुआ भीषण हादसा, तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार, कोलडीहा निवासी मो. ताजुद्दीन के घर पर रात करीब 2 बजे से बोरिंग का कार्य चल रहा था। बोरवेल वाहन सड़क किनारे खड़ा कर काम किया जा रहा था। सुबह करीब 4 बजे JH02-AA-2941 नंबर का तेज रफ्तार ट्रक सामने से आया और सीधे बोरवेल वाहन में जोरदार टक्कर मार दी।
इस दर्दनाक हादसे में बोरवेल पर कार्य कर रहे गंगो मंडल, मनोज दास और रामेश्वर दास गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
टक्कर से बोरवेल वाहन के उड़े परखच्चे, चालक भागने लगा
बोरवेल वाहन के संचालक कार्तिक बरनवाल ने बताया कि वाहन पूरी तरह सड़क किनारे खड़ा था और बोरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने लापरवाही से वाहन में टक्कर मार दी, जिससे बोरवेल मशीन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने चालक की पिटाई भी कर दी।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, चालक हिरासत में
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और बोरवेल वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
लापरवाही बनी हादसे की वजह? पुलिस कर रही जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की मुख्य वजह ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि आवासीय इलाकों और निर्माण स्थलों के पास तेज गति से चलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।











