गिरिडीह: भाजपा सांसद एवं भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी का गिरिडीह में प्रस्तावित रोड शो रद्द होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। सोमवार को सेवा अभियान के तहत गिरिडीह पहुंचे मनोज तिवारी ने झंडा मैदान में पिकअप वैन पर खड़े होकर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने रोड शो की अनुमति रद्द किए जाने पर झारखंड सरकार और प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। इस दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री सौंदर्या शर्मा भी मौजूद रहीं।
रोड शो की अनुमति रद्द होने पर मनोज तिवारी ने जताई नाराजगी
मनोज तिवारी ने कहा कि वह गिरिडीह की सड़कों पर निकलकर लोगों से मिलना और युवाओं को जागरूक करना चाहते थे। हालांकि, प्रशासन की ओर से रोड शो की अनुमति रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि इस फैसले में झारखंड सरकार की कोई भूमिका नहीं है, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
मामले को लेकर न्यायालय जाने की तैयारी
मनोज तिवारी ने बताया कि रोड शो की अनुमति रद्द किए जाने के मामले को लेकर आयोजक न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने अपने संबोधन में एसआईआर, दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मुद्दों पर भी टिप्पणी की।
पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाया
अपने संबोधन के दौरान मनोज तिवारी ने झारखंड में पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने दावा किया कि गिरिडीह उपचुनाव राज्य की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत कर सकता है। उनके इन बयानों के दौरान राज्य सरकार और राजनीतिक मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
सौंदर्या शर्मा ने युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर दिया जोर
अभिनेत्री सौंदर्या शर्मा ने कहा कि सेवा अभियान के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने छात्रों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही।
मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद झंडा मैदान पहुंचे मनोज तिवारी
झंडा मैदान में संबोधन से पहले मनोज तिवारी और सौंदर्या शर्मा ने बरगंडा स्थित एक स्थानीय भाजपा नेता के आवास पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मनोज तिवारी ने मां के भजन भी प्रस्तुत किए।
रोड शो रद्द होने के बावजूद झंडा मैदान में उन्होंने भोजपुरी गीत गाकर मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में सेवा अभियान, युवाओं की जागरूकता, छात्रों के मुद्दों और राजनीतिक बयानबाजी की चर्चा प्रमुख रही।





