गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत महारायडीह गांव में एक शादी समारोह के दौरान बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना ने खुशियों से भरे माहौल को अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल दिया। हादसे में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
दुआर लगाई रस्म के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शमशेर आलम की पुत्री की शादी के लिए जमुआ प्रखंड के धोथो गांव से बारात महारायडीह पहुंची थी। शादी से पहले पारंपरिक रस्म ‘दुआर लगाई’ का आयोजन किया जा रहा था। इस रस्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में बाराती, सराती और स्थानीय ग्रामीण कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रस्म के दौरान भीड़ लगातार बढ़ती गई। बेहतर दृश्य देखने के लिए कई लोग गेट के ऊपर बने छज्जे और रेलिंग पर चढ़ गए। अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण अचानक छज्जा और रेलिंग का हिस्सा तेज आवाज के साथ भरभराकर नीचे गिर पड़ा।
महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग आए चपेट में
छज्जा गिरते ही वहां मौजूद लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। नीचे खड़ी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
6 घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर
इस हादसे में करीब 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रांची रेफर कर दिया गया है। वहीं अन्य घायलों का इलाज गिरिडीह और धनबाद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। बाद में हीरोडीह थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की जाँच में जुट गई।
कमजोर संरचना और अधिक भीड़ बनी वजह
मामले को लेकर अंचलाधिकारी श्याम लाल मांझी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अधिक भीड़ और छज्जे-रेलिंग की कमजोर संरचना हादसे का प्रमुख कारण प्रतीत हो रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।
गांव में पसरा मातम
जिस शादी समारोह में खुशियों की गूंज सुनाई दे रही थी, वहां कुछ ही पलों में मातम का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक व्याप्त है। इस दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।











