क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने कोयलांचल क्षेत्र के विकास के लिए रखे प्रमुख प्रस्ताव
गिरिडीह: फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 1 जुलाई 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में एफजेसीसीआई के कोयलांचल क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने गिरिडीह और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण समस्याओं को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
उद्योगों के लिए जल संकट का समाधान, बालपहाड़ी बांध परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग
अमरजीत सिंह सलूजा ने कहा कि सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों को भूजल के उपयोग पर रोक लगाए जाने के बाद उद्योगों के समक्ष उत्पादन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि बिना पानी के औद्योगिक उत्पादन संभव नहीं है। उन्होंने बराकर नदी पर वर्ष 1984-85 से लंबित बालपहाड़ी (भलपहाड़ी) बांध परियोजना को शीघ्र शुरू कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इस परियोजना से तीन जिलों में पेयजल, सिंचाई और उद्योगों के लिए जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार डीवीसी को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर चुकी है। अब केंद्र सरकार के माध्यम से पश्चिम बंगाल सरकार से भी अनापत्ति दिलाकर परियोजना को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से यह परियोजना उद्योगों और आम जनता दोनों के लिए लाभकारी साबित होगी।
गिरिडीह-कोलकाता और पटना ट्रेन सेवा बहाल करने की उठी मांग
बैठक में गिरिडीह से कोलकाता और पटना के लिए बंद पड़ी ट्रेन सेवाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सलूजा ने कहा कि कोरोना काल से इन ट्रेनों का परिचालन बंद है, जिससे व्यापारियों, मरीजों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गिरिडीह की औद्योगिक इकाइयों के लिए मशीनरी और कच्चा माल मुख्य रूप से कोलकाता और पटना से आता है। वहीं गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भी इन शहरों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार के समक्ष इस विषय को उठाकर ट्रेन सेवाएं पुनः शुरू कराने का आग्रह किया।
पारसनाथ–मधुबन–न्यू गिरिडीह रेल परियोजना में राज्य सरकार से सहयोग की अपील
एफजेसीसीआई ने पारसनाथ, मधुबन मरांगबुरू होते हुए न्यू गिरिडीह तक प्रस्तावित रेल परियोजना को भी जल्द शुरू कराने की मांग की। सलूजा ने बताया कि इस परियोजना को केंद्र सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है और वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में 50 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए थे।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना रेलवे बोर्ड और झारखंड सरकार की 50:50 भागीदारी वाली योजना है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से राशि आवंटित नहीं होने के कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी और परियोजना अधर में लटकी हुई है।
परियोजना पूरी होने से पर्यटन, उद्योग और आवागमन को मिलेगा बढ़ावा
अमरजीत सिंह सलूजा ने कहा कि इस रेल परियोजना के पूरा होने से पारसनाथ और मधुबन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही संथाल परगना, गिरिडीह और बोकारो के बीच औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इसके अलावा संथाल परगना और गिरिडीह से रांची की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे आम लोगों के समय और यात्रा खर्च दोनों में कमी आएगी।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने एफजेसीसीआई द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। संगठन ने उम्मीद जताई कि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय होने से गिरिडीह और पूरे कोयलांचल क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।












