देश में डिस्को म्यूजिक के लिए लोगों को दीवाना बनाने वाले मशहूर संगीतकार बप्पी लहिरी का निधन हो गया है। 80 और 90 के दशक में भारत में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार और गायक बप्पी लहिरी का मंगलवार को मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष के थे। अस्पताल के निदेशक डॉ दीपक नामजोशी ने बताया कि “बप्पी लहिरी को एक महीने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनके परिवार ने एक डॉक्टर को उनके घर बुलाया। उन्हें फिर अस्पताल लाया गया। उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई।”
बप्पी लहिरी, जिन्हें व्यापक रूप से भारत में “डिस्को किंग” के रूप में जाना जाता है, का जन्म 1952 में पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में शास्त्रीय संगीत में एक समृद्ध परंपरा वाले परिवार में हुआ था। उन्होंने 19 साल की छोटी उम्र में एक संगीत निर्देशक के रूप में अपना करियर शुरू किया। उनके पिता, अपरेश लहिरी एक प्रसिद्ध बंगाली गायक थे और उनकी मां, बंसारी लाहिड़ी एक संगीतकार और एक गायिका थीं, जो शास्त्रीय संगीत और श्यामा संगीत में पारंगत थीं।
बप्पी दा को OSA की परेशानी पिछले एक साल से है। डॉ. दीपक नामजोशी उनका इलाज कर रहे थे। इस गंभीर समस्या के कारण बप्पी दा जुहू स्थित क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में 29 दिनों तक भर्ती थे। निधन से एक दिन पहले 15 फरवरी को ठीक होने पर वे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए थे।
लेकिन अस्पताल से छुट्टी होने के एक दिन बाद ही बप्पी दा की तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें वापस गंभीर हालत में क्रिटिकेयर अस्पताल लाया गया। रात लगभग 11:45 बजे उन्होंने अस्पताल में अपनी आखिरी सांसे ली। डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की पर नाकामयाब रहे।
बप्पी लहिरी पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्हें पिछले साल से ही अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा था। गत वर्ष जब सिंगर में कोरोना के हल्के लक्षण नजर आए थे, तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे ब्रीच कैंडी अस्पताल में डॉक्टर्स की निगरानी में थे।
आपको बता दें कि 2014 में बप्पी लहिरी के पास 754 ग्राम सोना था और 4.62 किलो चांदी और 4 लाख रुपए के हीरे थे। हालांकि अब उनकी इस संपत्ति में बदलाव हो गया होगा। बप्पी दा की ही तरह उनकी पत्नी चित्रानी लाहिड़ी भी सोने और डायमंड की शौकीन हैं।










