शहर से गांव तक गूंजे ढोल-ताशे, युवाओं के युद्धक कौशल ने मोहा लोगों का दिल
गिरिडीह: जिले में मुहर्रम का पर्व पूरी शांति, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल के साथ संपन्न हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक निकले पारंपरिक अखाड़ों में युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता की अनूठी झलक देखने को मिली।
मौलाना आजाद चौक, पद्म चौक, भंडारीडीह, पचंबा, बरवाडीह सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से निकले अखाड़ों में ढोल-ताशों और पारंपरिक धुनों के बीच युवाओं ने आकर्षक करतब प्रस्तुत किए। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग इन प्रदर्शनों को देखने के लिए जुटे रहे। अखाड़ा समितियों ने निर्धारित मार्गों का पालन करते हुए अनुशासित ढंग से जुलूस निकाला। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने अखाड़ा दलों का स्वागत कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क, ड्रोन और CCTV से हुई निगरानी
मुहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख चौक-चौराहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की गई। एसडीएम, एसडीपीओ, डीएसपी, सीओ, बीडीओ और सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करते रहे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू बोले— गिरिडीह ने पेश की सामाजिक सौहार्द की मिसाल
मुहर्रम के अवसर पर झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार, जेएमएम जिला अध्यक्ष संजय सिंह, उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, डीडीसी अस्मृता कुमारी तथा नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा विभिन्न अखाड़ा स्थलों पर पहुंचे। इस दौरान अखाड़ा समितियों ने सभी अतिथियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि गिरिडीह में मुहर्रम का पर्व गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों के लोगों ने प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास के साथ इस पर्व को मनाकर जिले की सामाजिक सद्भावना को और मजबूत किया है।












