गिरिडीह जिले के विभिन्न अंचलों से पहुंचे किसानों ने मंगलवार को झंडा मैदान में बैठक कर जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई। किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ अंचल अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब रैयतों की जमीन भू-माफियाओं, दबंगों और पैसे वालों के नाम अवैध तरीके से हस्तांतरित की जा रही है। साथ ही शिकायत करने वाले पीड़ितों को ही धमकाया जा रहा है।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के केंद्रीय समिति अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में किसानों की जमीन सुरक्षा गंभीर संकट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन खरीदने वाले लोग अब सीधे जमीन मालिकों के बजाय अंचल अधिकारियों से संपर्क करते हैं और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन प्रविष्टि एवं लगान रसीद जारी कर दी जाती है।
उन्होंने किसानों से अपने पूर्वजों की जमीन का उत्तराधिकार दाखिल-खारिज कराने की अपील करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संगठित जनआंदोलन ही इसका समाधान है।
किसान जनता पार्टी के संयोजक दासो मुर्मू ने दावा किया कि झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा गिरिडीह जिले के सभी मौजों के रजिस्टर-2 की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने के आदेश के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उसका समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
वहीं, पार्टी के संरक्षक घनश्याम पंडित ने प्रशासन पर न्यायालय के आदेशों के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को रजिस्टर-2 की मांग करने पर प्रताड़ित किया जाता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जाती है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों को भूदान, बंदोबस्ती, वन पट्टा, गैर-मजरूआ और बकासत भूमि की लगान रसीद निर्गत नहीं होने लगती तथा उत्तराधिकार दाखिल-खारिज सहित अन्य भूमि संबंधी कार्य बिना रिश्वत के नहीं होने लगते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में जहांगीर अंसारी, भागीरथ राय, संतोष बास्के, कामेश्वर मंडल, जोशील मरांडी, अफसर खान, सुलेमान अंसारी, नबी अंसारी, सुखदेव राय, खूबलाल पंडित, धनेश्वर महतो, रामसुदन यादव, छत्रधारी सिंह, रोहित पंडित, श्यामू बास्के, महादेव विश्वकर्मा, बालकृष्ण मुर्मू, राजेंद्र यादव, जसिंता मरांडी हांसदा, संजना टुडू, मुन्नी हांसदा समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
(नोट: खबर में लगाए गए आरोप किसान जनता पार्टी एवं बैठक में मौजूद किसानों के दावों पर आधारित हैं। जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)











