गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों के लिए आवंटित सरकारी राशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाटडीह स्थित चावल गोदाम से देर रात भारी मात्रा में चावल बाहर भेजे जाने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने एक ट्रक को बीच रास्ते में रोक दिया और पूरे मामले की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी।
ग्रामीणों के अनुसार, ट्रक में करीब 800 बोरा चावल लदा हुआ था। आरोप है कि यह चावल गरीबों के हिस्से का सरकारी अनाज था, जिसे कथित तौर पर कालाबाजारी के उद्देश्य से दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा था। रात के अंधेरे में हो रही इस गतिविधि ने ग्रामीणों के बीच संदेह पैदा कर दिया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को रोक लिया।
सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों के निर्देश पर जमुआ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल चावल लदे वाहन, परिवहन से संबंधित दस्तावेजों तथा पूरे परिवहन प्रक्रिया की वैधता की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों का सवाल है कि यदि यह चावल वास्तव में पीडीएस लाभुकों के लिए था, तो इसे रात के समय दूसरी जगह क्यों भेजा जा रहा था।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि जांच में कालाबाजारी या किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












