City News Giridih
  • होम
  • गिरिडीह
    • गांवां
    • जमुआ
    • पीरटांड़
    • गांडेय
    • बिरनी
    • डुमरी
    • बगोदर
    • बेंगाबाद
    • तिसरी
    • देवरी
    • धनवार
    • सरिया
  • झारखण्ड
    • रांची
    • हज़ारीबाग
    • कोडरमा
    • गढ़वा
    • गिरिडीह
    • खूंटी
    • गोड्डा
    • गुमला
    • चतरा
    • दुमका
    • देवघर
    • जामताड़ा
    • पलामू
    • पश्चिमी सिंहभूम
    • पाकुड़
    • धनबाद
    • बोकारो
    • रामगढ़
    • पूर्वी सिंहभूम
    • लोहरदगा
    • सरायकेला-खरसावाँ
    • साहिबगंज
    • लातेहार
    • सिमडेगा
  • बिहार
  • राजनीति
  • क्राइम
  • स्वास्थ्य
  • देश विदेश
  • संपर्क
Monday, August 24, 2026
Giridih News
  • होम
  • गिरिडीह
    • गांवां
    • जमुआ
    • पीरटांड़
    • गांडेय
    • बिरनी
    • डुमरी
    • बगोदर
    • बेंगाबाद
    • तिसरी
    • देवरी
    • धनवार
    • सरिया
  • झारखण्ड
    • रांची
    • हज़ारीबाग
    • कोडरमा
    • गढ़वा
    • गिरिडीह
    • खूंटी
    • गोड्डा
    • गुमला
    • चतरा
    • दुमका
    • देवघर
    • जामताड़ा
    • पलामू
    • पश्चिमी सिंहभूम
    • पाकुड़
    • धनबाद
    • बोकारो
    • रामगढ़
    • पूर्वी सिंहभूम
    • लोहरदगा
    • सरायकेला-खरसावाँ
    • साहिबगंज
    • लातेहार
    • सिमडेगा
  • बिहार
  • राजनीति
  • क्राइम
  • स्वास्थ्य
  • देश विदेश
  • संपर्क
No Result
View All Result
  • होम
  • गिरिडीह
    • गांवां
    • जमुआ
    • पीरटांड़
    • गांडेय
    • बिरनी
    • डुमरी
    • बगोदर
    • बेंगाबाद
    • तिसरी
    • देवरी
    • धनवार
    • सरिया
  • झारखण्ड
    • रांची
    • हज़ारीबाग
    • कोडरमा
    • गढ़वा
    • गिरिडीह
    • खूंटी
    • गोड्डा
    • गुमला
    • चतरा
    • दुमका
    • देवघर
    • जामताड़ा
    • पलामू
    • पश्चिमी सिंहभूम
    • पाकुड़
    • धनबाद
    • बोकारो
    • रामगढ़
    • पूर्वी सिंहभूम
    • लोहरदगा
    • सरायकेला-खरसावाँ
    • साहिबगंज
    • लातेहार
    • सिमडेगा
  • बिहार
  • राजनीति
  • क्राइम
  • स्वास्थ्य
  • देश विदेश
  • संपर्क
No Result
View All Result
City News Giridih
No Result
View All Result
ADVERTISEMENT

वीर सावरकर के कारण लता दीदी ने गायकी नहीं छोड़ी

by CityNews
February 9, 2022
in देश विदेश, मनोरंजन
A A
ADVERTISEMENT

लता मंगेशकर देश की सेवा के लिए किशोरावस्था में ही राजनीति से जुड़ना चाहती थीं और इसके लिए उन्होने गायकी तथा अभिनय दोनों को छोड़ने का निर्णय लिया था। लेकिन उनके पारिवारिक अभिभावक वीर विनायक दामोदर सावरकर ने लता मंगेशकर को रोक दिया और विश्व को कालांतर में अप्रतिम गायिका मिली।सावरकर ने लता से कहा, ‘आप एक ऐसे पिता की संतान हैं, जिनका शास्त्रीय संगीत में बहुत बड़ा नाम है। अगर आपको देश की सेवा करनी है तो संगीत के जरिए भीआप ऐसा कर सकती हैं।’ इसी के बाद लता मंगेशकर का मन बदल गया था।’ यतींद्र मिश्रा ने लता मंगेशकर की जीवनी ‘ लता सुर गाथा ‘में लता मंगेशकर और वीर सावरकर को लेकर इस अत्यंत रोचक घटना का उल्लेख किया है।उन्होने फिल्मों के स्टीरियो टाइप सोच से लता दीदी के प्रभावित होने और गायिका के रूप में करियर बनाये रखने के लिए लता दीदी द्वारा अपना नाम बदलने का वर्णन भी किया है।

वीर सावरकर को ‘भारत रत्न ” देने के विषय को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में कई सालों से तलवारें खिंची हुई हैं, उसके शुरुआती दौर में ही स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने न सिर्फ वीर सावरकर का खुल कर समर्थन किया था, बल्कि विरोध करने वालों की अज्ञानता पर सवाल उठाते हुए उनको अज्ञानी तक कह दिया था। गत वर्ष 28 मई को सावरकर की जयंती के मौके पर लता ने ट्वीट किया था-” जो लोग सावरकर जी के विरोध में बोल रहे हैं वे नहीं जानते कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे”।

लता मंगेशकर का एक और गुण यह था कि उन्हें रियलिटी शोज और फिल्में बहुत पसंद थे। हालांकि उन्होंने थिएटर जाना बंद कर दिया था लेकिन अगर उन्हें किसी की परफॉरमेंस अच्छी लगती थी तो वह उन्हें मिठाई और फूल भेजती थीं। वह अपने देश से बहुत प्यार करती थीं और देश को सम्मान दिलाने वाले लोगों को खुद कॉल कर उन्हें बधाई दिया करती थीं।’

यतीन्द्र लिखते हैं- लता मंगेशकर ने अपनी किशोरावस्था में समाज सेवा का प्रण लिया था और वह राजनीति में आना चाहती थीं और देश सेवा के प्रति उनका जुनून देखने लायक था। इसके लिए वह क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के साथ विचार-विमर्श और परामर्श कर रहीं थी। एक समय ऐसा भी आया जब लता समाज के लिए गायन छोड़ने जा रही थीं। उस वक्त वीर सावरकर ने उनसे मिलकर उन्हें समझाया और उन्हें उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर की याद दिलाई जो उस समय भारतीय शास्त्रीय संगीत में प्रसिद्धि पर थे।

सावरकर ने ही लता को समझाया था कि संगीत और गायन के प्रति समर्पित होकर भी वे समाज की सेवा कर सकती हैं। इसके बाद लता मंगेशकर ने संगीत में करियर बनाने को लेकर अपनी धारणाओं को बदला। गत वर्ष वीर सावरकर को भारतरत्न देने के विषय में जब विवाद बढ़ा तो 28 मई को सावरकर की जयंती के मौके पर लता ने ट्वीट किया था ‘ जो लोग सावरकर जी के विरोध में बोल रहे हैं वे नहीं जानते कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे।

लता दीदी द्वारा अपना नाम बदलने की घटना का उल्लेख भी लता मंगेशकर की जीवनी लिखने वाले यतींद्र मिश्रा ने ‘लता सुर गाथा’में किया है। उस पुस्तक के अध्याय ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ में लिखते हैं- एक समय लता मंगेशकर ने ‘आनन्दघन’ के उपनाम से मराठी फिल्‍मों के लिए संगीत- निर्देशन भी किया है। यह शायद साठ के दशक के अन्त की बात है, जब मराठी फिल्‍मों के बड़े निर्माता-निर्देशक भालजी पेंढारकर शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक कथा पर ‘मोहित्यांची मंजुला’ नाम की फिल्‍म बना रहे थे। उन्होंने अपनी पसंद के संगीत निर्देशकों से संपर्क किया। लेकिन उस समय किसी के पास समय नहीं था। भालजी पेंढारकर को जल्दी थी और वे इस फिल्‍म का प्रोडक्शन संगीत निर्देशकों के खाली होने तक रोक नहीं सकते थे।

ऐसे में उनकी पारिवारिक मित्र और बेटी सरीखी लता मंगेशकर ने यह सुझाव दिया कि अगर भालजी बाबा चाहें, तो वे संगीत बनाने में सहयोग कर सकती हैं। निर्देशक ने इसलिए मना कर दिया क्‍योंक‍ि तब तक लता का बड़ा नाम हो चुका था। उन्हें डर था कि कहीं फिल्‍म के संगीत ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो लता मंगेशकर का नाम खराब होगा। एक बार फिर से लता मंगेशकर ने उन्हें सुझाव दिया कि यदि भालजी बाबा चाहें, तो वे छद्म नाम से संगीत दे सकती हैं। यह बात उनको कुछ जम सी गयी। इस तरह एक नाम तय हुआ ‘जटाशंकर’।लता जी बताती हैं कि उन्हें यह नाम पसंद नहीं आया था और मराठी के ही एक संत कवि रामदास स्वामी की कविता से निकालकर एक शब्द चुना गया ‘आनन्दघन’। इसका अर्थ उनको भा गया था- ‘आनन्द के बादल’। इस तरह लता मंगेशकर ने अपने निर्देशक को यह बताया था कि वे ‘आनन्दघन’ के नाम से संगीत देंगी, जिसके लिए उनको सहर्ष अनुमति भी मिल गई थी।

वरिष्ठ पत्रकार भारती एस प्रधान ने अपने एक लेख में लता मंगेशकर और बालासाहेब के खास रिश्ते का जिक्र किया था। वह लिखते हैं, ‘वह 90 का दौर था जब बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार और अनुराधा पौडवाल के साथ उनकी पार्टनरशिप की तूती बोलती थी। उस समय मार्केट में टी-सीरीज के कैसेट्स की भरमार थी जिनमें ओरिजनल सिंगर की आवाज को अनुराधा पौडवाल की आवाज के साथ डब करके बेचा जाता था।वर्ष 1992 में गोविंदा और जूही चावला स्टारर फिल्म ‘राधा का संगम’ रिलीज हुई थी। फिल्म के गानों के लिए कंपोजर अनु मलिक लता मंगेशकर की आवाज चाहते थे। यह फिल्म के हीरो की डिमांड थी जो फिल्म के प्रोड्यूसर भी थे हालांकि गुलशन कुमार ने अनुराधा पौडवाल को जगह देने के लिए फिल्म के म्यूजिक राइट्स ही खरीद लिए।जब इसकी जानकारी बाल ठाकरे को लगी तो उन्होंने गुलशन कुमार को फोन करके कहा, ‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?’ बाल ठाकरे ने कहा कि लता मंगेशकर महाराष्ट्र का गौरव हैं। उनकी आवाज को हटाकर किसी और से रिप्लेस करने की बेअदबी कैसी की जा सकती है।नतीजा यह हुआ कि ‘राधा का संगम’ उस दौर की उन दुर्लभ फिल्मों में शामिल है जो अनुराधा पौडवाल के डब गानों के बिना रिलीज हुई थी। फिल्म का म्यूजिक पहले लता मंगेशकर की आवाज के साथ आधिकारिक रूप से रिलीज किया गया। उसके बाद ही अनुराधा पौडवाल का वर्जन जारी हो पाया।

साल 2013 में लता मंगेशकर ने अपने दिवंगत पिता दीनानाथ मंगेशकर की याद में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल बनवाया था। इस अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए तत्कालीन गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान मंगेशकर ने कहा था कि मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि हम नरेंद्र भाई को पीएम के रूप में देखें। ये बात सितंबर 2013 की थी। जब नरेंद्र मोदी को 2014 के आम चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की गई थी उस वक्त लता मंगेशकर को बहुत ट्रोल भी किया गया था। लता मंगेशकर ने लगभग 36 भारतीय भाषाओं में 50हजार से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी थी। ऐसे में अगर उनके आखिरी रिलीज गाने की बात की जाए तो यह ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की’ था जिसे मयूरेश पई ने कंपोज किया था। यह गाना 30 मार्च 2019 को रिलीज किया गया था। यह गाना राष्ट्र और भारतीय सेना के सम्मान के लिए प्रस्तुत किया गया था।लता मंगेशकर के कई गाने ऐसे भी थे जो कभी रिलीज ही नहीं हुए। ऐसा ही एक गाना म्यूजिक कंपोजर, डायरेक्टर और प्रड्यूसर विशाल भारद्वाज ने लता मंगेशकर के जन्मदिन के मौके पर सितंबर 2021 में सोशल मीडिया पर शेयर किया था। ‘ठीक नहीं लगता’ टाइटल वाले इस गाने को 90 के दशक में रिकॉर्ड किया गया था। इस गाने को गीतकार गुलजार ने लिखा था।

ADVERTISEMENT
Previous Post

सदर ब्लाक परिसर में 20 सूत्री कार्यालय का हुआ विधिवत उद्घाटन

Next Post

Giridih News :- कोयला लदे मालगाड़ी में लगी आग, टला बड़ा हादसा

Related Posts

Giridih Train News

Giridih News: गिरिडीह की रेल तस्वीर बदलने की तैयारी! सांसद ने रेल मंत्री के सामने रखीं 24 बड़ी मांगें, अब फैसले का इंतजार

August 16, 2026
Mumbai gold chori

Giridih News: मुंबई पुलिस की गावां में बड़ी रेड, 2.65 करोड़ की चोरी मामले में थार समेत लाखों का सोना बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

July 30, 2026

Giridih News: NEET पेपर लीक पर गिरिडीह में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला फूंका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

राम मंदिर में पीएम मोदी और मोहन भागवत ने किया ध्वजारोहण, जानिए क्या है खास

अभिनेता धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में नि,धन,सनी देओल ने दी मुखाग्नि

Jharkhand News: कैमरून में फंसे झारखंड के 5 प्रवासी मजदूर, सरकार से वतन वापसी की गुहार

Load More
Next Post

Giridih News :- कोयला लदे मालगाड़ी में लगी आग, टला बड़ा हादसा

MOST POPULAR

No Content Available
Load More
Facebook Twitter Instagram Youtube RSS

About City News

City News Giridih

सिटी न्यूज़ गिरिडीह का एक स्थानीय न्यूज़ पोर्टल है जहाँ आपको गिरिडीह जिले एवं आसपास की तमाम भरोसेमंद ख़बरों की जानकारी उपलब्ध होगी |

Follow Us

Browse by Category

  • Accident
  • bengal
  • Bergi
  • Bhojpuri
  • Breaking News
  • Daily News
  • education
  • Gold Rate
  • Jharkhand News
  • Jobs Alert
  • Pachamba
  • railway
  • Trending
  • Uncategorized
  • weather
  • एडिटोरियल
  • कोडरमा
  • कोडरमा
  • क्राइम
  • खूंटी
  • खेल – कूद
  • खोरीमहुआ
  • गढ़वा
  • गांडेय
  • गांवां
  • गिरिडीह
  • गुमला
  • गोड्डा
  • चतरा
  • जमशेदपुर
  • जमुआ
  • जामताड़ा
  • झारखण्ड
  • टूरिज्म
  • डालटनगंज
  • डुमरी
  • तिसरी
  • दुमका
  • दुर्घटना
  • देवघर
  • देवरी
  • देश विदेश
  • धनबाद
  • धनबाद
  • धनवार
  • पचंबा
  • पटना
  • पलामू
  • पश्चिमी सिंहभूम
  • पाकुड़
  • पानी
  • पीरटांड़
  • पीरटांड़
  • पूर्वी सिंहभूम
  • फेस्टिवल
  • बगोदर
  • बिजली
  • बिरनी
  • बिहार
  • बेंगाबाद
  • बोकारो
  • भारत
  • मधुबन
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • रांची
  • राजधनवार
  • राजनीति
  • रामगढ़
  • रोड
  • लातेहार
  • लोहरदगा
  • शिक्षा
  • सड़क
  • सरकारी योजना
  • सरायकेला-खरसावाँ
  • सरिया
  • साहिबगंज
  • सिमडेगा
  • स्वास्थ्य
  • हज़ारीबाग
  • हीरोडीह

Recent News

dhanwar newly married rakhi devi death

Giridih News: धनवार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौ,त, गले पर मिला निशान; तीन महीने पहले हुई थी शादी

August 20, 2026
Dumri NH19 Accident

Giridih News: डुमरी में NH-19 पर दर्दनाक हादसा, दो बेटों और बेटी के सिर से उठा पिता का साया

August 20, 2026
kk verma evening college aarop

Giridih News: KK वर्मा कॉलेज में फीस वसूली पर छात्रों का फूटा गुस्सा, बिना रसीद 300 रुपये लेने का आरोप

August 20, 2026

© 2021 City News Giridih | Designed By Nishant Developed By Beat Of Life Entertainment

No Result
View All Result
  • होम
  • गिरिडीह
    • गांवां
    • जमुआ
    • पीरटांड़
    • गांडेय
    • बिरनी
    • डुमरी
    • बगोदर
    • बेंगाबाद
    • तिसरी
    • देवरी
    • धनवार
    • सरिया
  • झारखण्ड
    • रांची
    • हज़ारीबाग
    • कोडरमा
    • गढ़वा
    • गिरिडीह
    • खूंटी
    • गोड्डा
    • गुमला
    • चतरा
    • दुमका
    • देवघर
    • जामताड़ा
    • पलामू
    • पश्चिमी सिंहभूम
    • पाकुड़
    • धनबाद
    • बोकारो
    • रामगढ़
    • पूर्वी सिंहभूम
    • लोहरदगा
    • सरायकेला-खरसावाँ
    • साहिबगंज
    • लातेहार
    • सिमडेगा
  • बिहार
  • राजनीति
  • क्राइम
  • स्वास्थ्य
  • देश विदेश
  • संपर्क

© 2021 City News Giridih | Designed By Nishant Developed By Beat Of Life Entertainment

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.