गिरिडीह: बेरगी स्थित KK वर्मा इवनिंग डिग्री कॉलेज में फीस वसूली को लेकर छात्रों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को छात्रों और आजसू छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर फीस वसूली की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रैक्टिकल और डेवलपमेंट के नाम पर विद्यार्थियों से 300 रुपये लिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान के बाद रसीद नहीं दी जा रही है।
प्रैक्टिकल के नाम पर 300 रुपये लेने का आरोप
छात्रों का कहना है कि कॉलेज में राशि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ली जा रही है। इसके बावजूद भुगतान की आधिकारिक रसीद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसे लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन से सवाल किया कि जब अन्य शुल्क जमा करने पर रसीद दी जाती है, तो प्रैक्टिकल या डेवलपमेंट के नाम पर ली जा रही राशि की रसीद क्यों नहीं दी जा रही है?
अजय नामक व्यक्ति पर राशि लेने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि अजय नामक व्यक्ति द्वारा विद्यार्थियों से 300 रुपये की राशि ली जा रही है। छात्रों का कहना है कि बिना रसीद भुगतान लिए जाने से फीस वसूली की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आजसू छात्र नेता अक्षय यादव समेत अन्य छात्रों ने मांग की कि कॉलेज में फीस वसूली की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए और विद्यार्थियों से ली जाने वाली प्रत्येक राशि की विधिवत रसीद उपलब्ध कराई जाए।
अलग-अलग नामों से फीस लेने पर भी उठे सवाल
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ विद्यार्थियों से अलग-अलग नामों से राशि लिए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कॉलेज प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
छात्रों का कहना है कि विद्यार्थियों से किसी भी मद में राशि ली जाती है तो उन्हें यह स्पष्ट बताया जाना चाहिए कि पैसा किस मद में लिया जा रहा है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए होगा।
कॉलेज प्रबंधन ने क्या कहा?
मामले को लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल किशोर वर्मा ने बताया कि छात्रों से डेवलपमेंट के नाम पर राशि ली जा रही है। वहीं, रसीद उपलब्ध कराने के सवाल पर उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल छात्रों को रसीद नहीं दी गई है। प्रिंसिपल ने कहा कि छात्रों को रसीद उपलब्ध करा दी जाएगी।
रसीद नहीं मिलने से छात्रों में नाराजगी
फीस वसूली और रसीद नहीं दिए जाने को लेकर छात्रों का विरोध फिलहाल जारी है। विद्यार्थियों की मांग है कि कॉलेज प्रबंधन पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी दे और फीस जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए।
छात्रों ने यह भी मांग की है कि 300 रुपये किस मद में लिए जा रहे हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा प्रत्येक भुगतान के बदले आधिकारिक रसीद उपलब्ध कराई जाए।
अब कॉलेज प्रबंधन के जवाब पर नजर
मामले में कॉलेज प्रबंधन द्वारा रसीद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों की नाराजगी कितनी दूर होती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल फीस वसूली की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने कॉलेज प्रशासन के सामने पारदर्शिता सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है।












