गिरिडीह: शिक्षक बनने का सपना लेकर हजारों अभ्यर्थी रविवार को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। लंबे अंतराल के बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को लेकर गिरिडीह जिले में सुबह से ही हलचल देखने को मिली। जिले के 46 परीक्षा केंद्रों पर कुल 32,043 अभ्यर्थी दो पालियों में परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया है, जिसमें सीसीटीवी निगरानी से लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखने तक की व्यवस्था शामिल है।
32 हजार अभ्यर्थियों के लिए 46 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन
जिले में परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था रोकने के लिए 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा भी लागू की गई है।
सुबह से ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे युवाओं में उत्साह के साथ-साथ परीक्षा को लेकर गंभीरता भी देखने को मिली।
गिरिडीह प्रखंड में सबसे ज्यादा 27 परीक्षा केंद्र
जिले में प्रखंडवार परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। गिरिडीह प्रखंड में सबसे अधिक 27 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं डुमरी में छह, बेंगाबाद में चार, गांडेय में चार, जमुआ में तीन और पीरटांड़ में दो केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है।
पेपर लीक और अफवाहों पर साइबर सेल की नजर
परीक्षा के दौरान केवल परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर भी प्रशासन की निगरानी है। पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या परीक्षा की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अग्निशमन की व्यवस्था की गई है।
दो पालियों में आयोजित हो रही परीक्षा
जेटेट परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जा रहा है। पहली पाली में कक्षा छह से आठ तक के अभ्यर्थी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा दे रहे हैं। इस पाली के लिए सुबह 7:30 बजे से प्रवेश शुरू किया गया, जबकि 9 बजे मुख्य प्रवेश द्वार बंद करने का समय निर्धारित था।
दूसरी पाली में कक्षा एक से पांच तक के अभ्यर्थियों की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। इसके लिए दोपहर 12:30 बजे से प्रवेश और 1:30 बजे मुख्य प्रवेश द्वार बंद करने का समय तय किया गया है।
मोबाइल और स्मार्टवॉच पर पूरी तरह रोक
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है। अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र का स्पष्ट प्रिंटआउट, मूल फोटो पहचान पत्र और पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन ले जाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा पर्स, पाउच और किसी भी तरह के नोट्स ले जाने पर रोक है।
प्रशासन की निगरानी में परीक्षा, अभ्यर्थियों की नजर परिणाम पर
32,043 अभ्यर्थियों के लिए आयोजित यह परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के शिक्षक बनने के सपने से जुड़ी है। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्ष संचालन प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया का इंतजार रहेगा।












