गिरिडीह | चित्तर्डीह-पचंबा मुख्य मार्ग
गिरिडीह में देर रात चित्तर्डीह-पचंबा मुख्य मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अभ्रक लदे 407 वाहन और कोयला लदे ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
इस दुर्घटना के बाद अभ्रक के कथित अवैध खनन और परिवहन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रात में पुलिस गश्ती के बावजूद मुख्य मार्ग पर ऐसे वाहनों का परिचालन कैसे हो रहा था? क्या संबंधित वाहन के पास परिवहन के वैध दस्तावेज थे? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
देर रात 1 बजे आमने-सामने भिड़े दोनों वाहन
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 1 बजे की है। अभ्रक लदा एक 407 वाहन पचंबा की ओर जा रहा था, जबकि कोयला लदा ट्रक जमुआ की दिशा में बढ़ रहा था। इसी दौरान चित्तर्डीह-पचंबा मुख्य मार्ग पर दोनों वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, अब तक किसी के घायल होने की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
अभ्रक के परिवहन पर उठे सवाल, रात की गश्ती पर भी चर्चा
आखिर रात में मुख्य मार्ग से कैसे गुजर रहा था अभ्रक लदा वाहन?
हादसे के बाद अभ्रक के कथित अवैध परिवहन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि अभ्रक के अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है, तो रात के समय ऐसे वाहन मुख्य मार्ग से कैसे गुजर रहे हैं?
स्थानीय स्तर पर रात की पुलिस गश्ती के बावजूद इस तरह के वाहनों के परिचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दुर्घटनाग्रस्त वाहन अवैध रूप से अभ्रक का परिवहन कर रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वाहन मालिक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की स्थिति
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। संबंधित 407 वाहन के मालिकाना हक और अभ्रक के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि अभ्रक कहां से लाया जा रहा था और उसके परिवहन की परिस्थितियां क्या थीं।
अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या अभ्रक के परिवहन से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है। फिलहाल हादसे के कारणों और अभ्रक के परिवहन की वैधता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।





