गिरिडीह। दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह की राजनीति में संगठन और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की एक महत्वपूर्ण बैठक में उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा पहुंचीं। बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद किया।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक भविष्य और संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि, किसी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर आधिकारिक घोषणा अलग विषय है।
श्वेता शर्मा ने संभाला मोर्चा, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
बैठक में श्वेता शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू की जो जगह खाली हुई है, उसे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के सहयोग से भरने का प्रयास किया जाएगा।
“जैसे वह करते थे, वैसे ही अब हम करेंगे”
श्वेता शर्मा ने कहा कि वह हमेशा कार्यकर्ताओं के बीच रहेंगी और संगठन के काम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगी। उनके इस बयान को सुदिव्य कुमार सोनू की राजनीतिक और संगठनात्मक विरासत को आगे बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, “उनकी खाली जगह को आपलोगों के सहयोग से भरने का काम करूंगी। जैसे वह करते थे, वैसे ही अब हम करेंगे। मैं हमेशा आपलोगों के बीच रहूंगी।”
बैठक में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
बैठक में राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, गिरिडीह की महापौर प्रमिला मेहरा, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने भी संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती देने के लिए अपने सुझाव रखे।
कार्यकर्ताओं ने दिया साथ का भरोसा
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्वेता शर्मा को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। नेताओं ने कहा कि आपसी समन्वय के साथ पार्टी के संगठनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झामुमो में उनके संगठनात्मक नेटवर्क और राजनीतिक विरासत को लेकर चर्चा तेज हुई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में श्वेता शर्मा के संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं, लेकिन किसी भी औपचारिक राजनीतिक निर्णय को पार्टी की आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट माना जाएगा।
गिरिडीह की राजनीति में बढ़ी सक्रियता
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह में राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे माहौल में श्वेता शर्मा का कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचना और संगठन को आगे बढ़ाने की बात करना झामुमो की अंदरूनी राजनीतिक सक्रियता को सामने लाता है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में झामुमो संगठन और गिरिडीह की राजनीति में नेतृत्व को लेकर क्या आधिकारिक कदम उठाता है।





