POS मशीन की तकनीकी खराबी से ठप हो रही राशन वितरण व्यवस्था
गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड के बदडीहा-1 पंचायत में संचालित जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान इन दिनों ग्रामीणों के लिए लगातार समस्या का कारण बनी हुई है। शनिवार दोपहर 12 बजे कई ग्रामीणों ने अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए बताया कि दुकान संचालक किरानी नारायण देव के यहां तकनीकी गड़बड़ियों के साथ-साथ अब अनाज कटौती का गंभीर मामला भी सामने आ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, दुकान पर लगी POS मशीन केवल बिजली रहने पर ही चलती है। बिजली कटते ही मशीन बंद हो जाती है और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट नहीं होने के कारण लाभुकों को उसी दिन राशन नहीं मिल पाता। इस वजह से उन्हें कई बार खाली हाथ घर लौटना पड़ता है, जिससे उनके दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ता है।
दस दिन तक मरम्मत में रही मशीन, फिर भी समस्या जस की तस
संचालक ने बताया कि POS मशीन को 10 दिनों तक जिला कार्यालय में मरम्मत के लिए भेजा गया था, लेकिन ठीक न होने की वजह से उसे वापस कर दिया गया। बैटरी बदलने के बावजूद मशीन पूरी तरह बिजली पर निर्भर बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की उदासीनता के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
2 किलो अनाज की कटौती बना ग्रामीणों के लिए बड़ा मुद्दा
ग्रामीणों ने बड़ा आरोप लगाया कि विभागीय निगरानी न होने का फायदा उठाते हुए हर कार्डधारी के राशन से 2 किलो अनाज कम कर दिया जाता है।
उदाहरण:
जहां 20 किलो मिलना चाहिए, वहां केवल 18 किलो ही दिया जा रहा है।
यह कटौती कई महीनों से जारी है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कई लाभुकों ने इस गंभीर शिकायत को गिरिडीह सिटी न्यूज़ को भी बताया है। उनके अनुसार, कटौती का कारण उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे खेती-किसानी और मजदूरी का काम छोड़कर राशन लेने आते हैं, लेकिन बिजली कटते ही घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों की मांग—तकनीकी समस्या दूर हो, कटौती पर रोक लगे
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि POS मशीन की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और राशन कटौती की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।












