गिरिडीह/डुमरी: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के रहने वाले सुनील कुमार ने अपनी उपलब्धि से जिले का नाम रोशन किया है। भारतीय तेल एवं गैस क्षेत्र की प्रमुख महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के चेयरमैन पद पर उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिली है। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र सुनील कुमार की इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। ग्रामीण और परिजन उन्हें बधाई दे रहे हैं। एक साधारण परिवार से निकलकर देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
21 अक्टूबर को नियुक्ति को मिली मंजूरी, दिसंबर में संभालेंगे पदभार
केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 21 अक्टूबर 2026 को पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जारी आदेश के अनुसार, सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 को ONGC के चेयरमैन का पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक निर्धारित है, जिसके बाद संविदा के आधार पर आगे जारी रहने का प्रावधान बताया गया है।
ONGC के इतिहास में अहम नियुक्ति
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ONGC के करीब 70 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के अधिकारी को सीधे कंपनी के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कंपनी के नेतृत्व और देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डुमरी के साधारण परिवार से IIT धनबाद तक का सफर
सुनील कुमार का जन्म 29 दिसंबर 1968 को डुमरी के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1975 में बेसिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा शुरू की। वर्ष 1984 में मैट्रिक और 1986 में संत कोलंबस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि और मेहनत ने उन्हें आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तक पहुंचाया। वर्ष 1991 में उन्होंने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की।
1991 में ONGC से शुरू हुआ करियर, तीन दशक से अधिक का अनुभव
सुनील कुमार ने वर्ष 1991 में असम के शिवसागर-नजीरा फील्ड से ONGC में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। तीन दशक से अधिक के अनुभव के दौरान उन्होंने मुंबई हाई, दिल्ली, हजीरा, काकीनाडा और मेहसाणा जैसे महत्वपूर्ण तेल एवं गैस क्षेत्रों में काम किया।
तेल उत्पादन और आधुनिक तकनीक में योगदान
अपने लंबे करियर में उन्होंने तेल उत्पादन, वेल सर्विसेज, डीप वाटर ऑपरेशन और नई तकनीकों से जुड़े कार्यों में योगदान दिया। वर्तमान में वह मेहसाणा एसेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। अब चेयरमैन के रूप में उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ने वाली हैं।
बेटे की उपलब्धि पर मां तुलसी देवी भावुक, परिवार में खुशी
सुनील कुमार की इस उपलब्धि से उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उनकी मां तुलसी देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका बेटा ONGC का चेयरमैन बना है और दिसंबर में पदभार संभालेगा। उन्होंने कहा कि सुनील ने पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है, जिससे परिवार बेहद खुश है।
डुमरी में खबर पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। बधाई देने वालों का तांता लगा है और लोग मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर कर रहे हैं।
देश की ऊर्जा सुरक्षा की होगी बड़ी जिम्मेदारी
ONGC के चेयरमैन के रूप में सुनील कुमार के सामने घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने, नए तेल क्षेत्रों की खोज, आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।
डुमरी के एक साधारण परिवार से निकलकर आईआईटी की पढ़ाई और फिर ONGC के शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका सफर मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास की मिसाल है। उनकी उपलब्धि गिरिडीह जिले के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।





