गिरिडीह | 14 जुलाई 2026
जमुआ प्रखंड के मिर्जागंज पंचायत अंतर्गत अहरडीह गांव में अवैध रूप से संचालित आरा मिल पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को ध्वस्त कर दिया। छापेमारी के दौरान करीब एक लाख रुपये मूल्य की लकड़ी, जनरेटर, आरा मशीन और अन्य उपकरण जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कारोबार और बिना अनुमति संचालित आरा मिलों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वन विभाग की छापेमारी में अवैध आरा मिल ध्वस्त
वन क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश राम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मंगलवार को अहरडीह गांव में संचालित आरा मिल पर छापेमारी की। अभियान का नेतृत्व फॉरेस्टर कुमार मंगलम और संत कुमार देव ने किया। जांच के दौरान मिल संचालक से संचालन संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध आरा मिल को ध्वस्त कर दिया।

एक लाख रुपये की लकड़ी, जनरेटर और मशीनें जब्त
छापेमारी के दौरान वन विभाग ने करीब एक लाख रुपये मूल्य की लकड़ी जब्त की। इसके अलावा जनरेटर, आरा मशीन और मिल संचालन में उपयोग किए जा रहे अन्य उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए गए। अधिकारियों के अनुसार सभी जब्त सामग्री को विभागीय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया है।

वन अधिनियम के तहत होगी कानूनी कार्रवाई
फॉरेस्टर कुमार मंगलम ने बताया कि अवैध रूप से आरा मिल संचालित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच भी जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वन संपदा की सुरक्षा को लेकर विभाग सख्त
वन विभाग ने कहा कि जंगलों और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। बिना अनुमति आरा मिल संचालन, अवैध लकड़ी कटाई और लकड़ी के अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

लोगों से सहयोग की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें और यदि कहीं अवैध लकड़ी कटाई, आरा मिल संचालन या वन संपदा से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें।











