गोमिया प्रखंड के पलिहारी गुरुडीह पंचायत सचिवालय में गोमिया के ग्रामीणों की बैठक विनय स्वर्णकार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में गोमिया के ग्रामीणों ने आईईएल के खिलाफ पानी के आंदोलन के अभियान को आगे बढ़ाने की शुरुआत की घोषणा किया। बैठक में उपस्थित स्थानीय ग्रामीण व सीटू नेता राकेश कुमार ने कहा की गोमिया का पूरा शहरी इलाका बरसों-बरसों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा गोमिया में व्याप्त पेयजल समस्या के समाधान के लिए पिछले 1 वर्ष पूर्व से ही आईईएल कंपनी के प्रबंधन को गोमिया के लोगों ने अपना मांग पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा पिछले वर्ष 03 मार्च को ही आईईएल कंपनी को ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपा गया था। इसके बाद पुनः 27 दिसंबर 2021को आईईएल कंपनी के मेन गेट के समक्ष गोमिया के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कंपनी को मांगपत्र सौंपकर यह मांग किया था कि आईईएल कंपनी के द्वारा गोमिया के बैंक मोड़ तक किए जा रहे सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति का विस्तार गोमिया पंचायत के गोमिया हाई स्कूल तक एवं पलिहारी गुरुडीह के नेहरू हाई स्कूल तक किया जाए। उसी दिन गोमिया के ग्रामीणों व आईईएल प्रबंधन के साथ वार्ता हुई थी। उस वार्ता में उपस्थित आईईएल के एचआर मैनेजर रोशन सिन्हा की तरफ से यह आश्वासन दिया गया था कि आगामी तीन माह के अंदर हम गोमिया के लोगों का जो मांग है वह पूरा करते हुए बैंक मोड़ तक किए जा रहे हैं पेयजल आपूर्ति का विस्तार गोमिया हाई स्कूल एवं नेहरू हाई स्कूल तक करने के लिए कार्य प्रारंभ करेंगे। लेकिन आज तीन माह बीत जाने के बाद भी आईईएल ने जब अपने किए गए वादे को पूरा नहीं किया, तब गोमिया के लोग मजबूर होकर आंदोलन पर जाने को विवश है और आज तीन महीना बीत जाने के बाद हम लोग आईईएल के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा करते हैं, साथ साथ आने वाले दिनों में अपनी मांग को लेकर, पेयजल समस्या के समाधान को लेकर आईईएल के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा गोमिया के ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण करके ही इस कारखाने का निर्माण हुआ है और इस कारखाने के कारण बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं। इन विस्थापित परिवारों को आज कारखाने से रोजी-रोटी भी नहीं मिल रहा है, उसी स्थिति में अगर साधारण पेयजल भी गोमिया के लोगों को नहीं मिले तो रोष होना स्वभाविक है। इसलिए अब हम गोमिया के लोग बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट चुके हैं। कंपनी के खिलाफ अगर कोई बड़ा आंदोलन होता है तो इसकी पूरी जवाबदेही कंपनी की होगी। बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए हर मोहल्ले में बैठक की जाएगी।




