आरटीआई को प्रभावी बनाने को लेकर बगोदर के सामाजिक कार्यकर्ता कुंज लाल साव सदर अस्पताल में भूख हड़ताल पर है। बुधवार को भी इनका सत्याग्रह जारी रहा।असल में बीते 35 दिनों से ये अनशन पर हैं।बताया गया कि खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में बगोदर बस पड़ाव पर ये लगातार धरना व अनशन कर रहे थे।जिसके बाद जब ईनकी हालत बिगड़ने लगी तो अधिकारियों ने लाकर सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया। लेकिन उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। अंततः कुंजीलाल साव ने सदर अस्पताल में अपना सत्याग्रह आंदोलन जारी रखा है। उन्होंने आशंका व्यक्त किया है कि देश में जिस तरह से 74 हजार आरटीआई कार्यकर्ताओं ने शहादत दी है हो सकता है उनका भी वही हाल हो क्योंकि भ्रष्टाचारी माफिया वा सरकार के गठजोड़ से झारखंड में आरटीआई को निष्क्रिय किया गया है। कुंजीलाल साव की प्रमुख मांगे है सूचना अधिकार अधिनियम 2005 को जिला से लेकर राज्य स्तर तक लागू किया जाए राज्य के प्रत्येक जिला के उपायुक्त को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया जाए राज्य सूचना आयोग तथा राज्य मुख्य सूचना आयोग को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए वा उनके द्वारा मांगी गई सूचनाओं को उपलब्ध कराने की गारंटी दी जाए उसके साथ ही कुंजीलाल साव ने उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी उनका अनशन चलता रहेगा हालांकि कुंजीलाल शाह की पत्नी सुमन कुमारी ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया है और कहां कि जब तक इनकी मांगे पूरी नहीं होती लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा










