गिरिडीह: गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की वर्षों पुरानी मांगों को लेकर सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बड़ी पहल की है। सांसद ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़ी 24 महत्वपूर्ण जनहितकारी रेल मांगों को मजबूती से उनके समक्ष रखा।
गिरिडीह से कोलकाता और पटना के लिए सीधी ट्रेन की मांग
गिरिडीह क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में गिरिडीह से कोलकाता और पटना के लिए सीधी नई रेल सेवा शुरू करना प्रमुख है। इसके साथ ही पारसनाथ–मधुबन–गिरिडीह रेल लाइन का काम जल्द शुरू कराने की मांग भी उठाई गई है।
यह रेल परियोजना धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पारसनाथ, मधुबन और गिरिडीह क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
सांसद ने क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी। इनमें सलैया, पारसनाथ, कतरास, बरकाकाना, मुगमा और गोमिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।
सलैया स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव
सलैया स्टेशन पर रांची–न्यू गिरिडीह, आसनसोल–हटिया एक्सप्रेस और गोड्डा–दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की गई है। इससे आसपास के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पारसनाथ स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार
पारसनाथ स्टेशन की दक्षिणी दिशा में लिफ्ट चालू करने तथा उत्तरी दिशा में एप्रोच रोड और लिफ्ट निर्माण की मांग की गई। साथ ही ट्रेन संख्या 12817/12818 का पारसनाथ स्टेशन पर दोबारा ठहराव देने की मांग भी शामिल है।
धनबाद, गोमो और कतरास के लिए भी कई मांगें
रेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों में धनबाद और गोमो क्षेत्र को भी प्रमुखता दी गई है। धनबाद/गोमो से पारसनाथ और कोडरमा होते हुए मुंबई के लिए नई रेल सेवा शुरू करने तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक ट्रेन को दैनिक करने की मांग रखी गई।
वहीं, गोमो रेलवे स्टेशन का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर किए जाने के अनुरूप उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव देने की मांग भी की गई।
कतरास स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग भी सांसद द्वारा रेल मंत्री के सामने रखी गई है।
नई ट्रेनों और मौजूदा सेवाओं के विस्तार की मांग
क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए कई नई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- पटना से मधुपुर/कोडरमा/न्यू गिरिडीह के लिए दैनिक ट्रेन।
- कोडरमा–टाटानगर MEMU पैसेंजर ट्रेन।
- धनबाद–बलिया साप्ताहिक ट्रेन।
- धनबाद–बक्सर साप्ताहिक ट्रेन।
- धनबाद से नई दिल्ली के लिए दैनिक नई ट्रेन।
- धनबाद–रांची–हटिया MEMU ट्रेन।
- धनबाद–कोडरमा–न्यू गिरिडीह MEMU ट्रेन।
इसके अलावा शिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने और धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस का इंदौर तक विस्तार करने की मांग भी शामिल है।
राजधानी एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों में कोटा बढ़ाने की मांग
सांसद ने सभी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों में फर्स्ट AC कोटा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही दुर्गियाना एक्सप्रेस में धनबाद मंडल का HQ कोटा देने और धनबाद होकर गुजरने वाली ट्रेनों में Sleeper, 3AC और 2AC का HQ कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
गिरिडीह की रेल कनेक्टिविटी को मिल सकती है नई दिशा
सांसद द्वारा एक साथ 24 रेल मांगों को रेल मंत्री के समक्ष रखने से गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि रेल मंत्रालय इन प्रस्तावों पर कब और किस स्तर पर निर्णय लेता है।
अगर इन मांगों में से प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो गिरिडीह, पारसनाथ, मधुबन, धनबाद, गोमो, कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण मजबूती मिल सकती है।











