गिरिडीह: बिरयानी खाने के कुछ ही देर बाद बिगड़ी तीन लोगों की तबीयत, परिवार में मचा हड़कंप
गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के भंडारीडीह के पास स्थित “झारखंड फास्ट फूड” से खरीदी गई बिरयानी खाने के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्य अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। बीमार होने वालों में दो साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। लगातार उल्टियां और तेज पेट दर्द होने के बाद तीनों को आनन-फानन में गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में खाद्य सुरक्षा और बाजार में बिक रहे तैयार भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दुकान से पार्सल लाकर परिवार के साथ खाई बिरयानी, कुछ ही देर में शुरू हुई उल्टियां
पीड़ित मो. आजम ने बताया कि वह देर शाम अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में स्वर्ण सिनेमा के समीप स्थित झारखंड फास्ट फूड दुकान से बिरयानी का पार्सल लेकर घर पहुंचे।
घर पर उन्होंने अपनी पत्नी फातिमा खातून और दो वर्षीय बेटे मो. साहिल रजा के साथ बिरयानी खाई। खाना खाने के कुछ ही समय बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लगातार उल्टियां और पेट दर्द से हालत गंभीर हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों ने बिना देर किए तीनों को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
घर में नौ सदस्य थे, लेकिन सिर्फ बिरयानी खाने वाले तीन लोग ही हुए बीमार
मो. आजम ने बताया कि उनके परिवार में कुल नौ सदस्य रहते हैं, लेकिन बिरयानी सिर्फ तीन लोगों ने ही खाई थी। हैरानी की बात यह रही कि केवल वही तीन लोग बीमार पड़े, जबकि बाकी सभी सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दुकान से मिली बिरयानी खराब या विषाक्त थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल ने क्या कहा?
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार तीनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, खाद्य दुकानों की नियमित जांच की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित जांच होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर फास्ट फूड और होटल संचालकों की जांच करे तथा लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फास्ट फूड संचालक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं फास्ट फूड संचालक का कहना है कि वह खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते बहुत ही स्वच्छता के साथ खाद्य बनाने का कार्य करता है। उनके प्रतिष्ठान पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद है। बहरहाल दोनों ओर से आरोप और सफाई के बाद मामला जांच का विषय बन गया है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पीड़ित परिवार ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच में बिरयानी के खराब या विषाक्त होने की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना ने एक बार फिर बाजार में बिकने वाले तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












