गिरिडीह/तिसरी: तिसरी थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान लापता हुए कंट्रक्शन कंपनी के कर्मी मंजेश कुमार का शव करीब 30 घंटे बाद बिहार के जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र स्थित पिपरातरी जंगल के समीप बरामद होने से सनसनी फैल गई। शव मिलने के बाद प्रथम दृष्टया सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
सड़क निर्माण कार्य के दौरान बाइक सवारों के साथ जाने की चर्चा
जानकारी के अनुसार, मंजेश कुमार रविवार को तिसरी थाना क्षेत्र की खटपोंक पंचायत में सड़क निर्माण से संबंधित कार्य कर रहा था। इसी दौरान दोपहर के समय कुछ बाइक सवार लोगों द्वारा उसे अपने साथ ले जाने की बात सामने आई। इसके बाद मंजेश वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद तिसरी थाना में आवेदन देकर उसकी सकुशल बरामदगी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई। पुलिस ने तिसरी थाना क्षेत्र के साथ-साथ बिहार सीमा से सटे इलाकों में भी तलाश अभियान चलाया।
जांच के दौरान भोगताडीह निवासी पिंटू यादव के खोरीमहुआ एसडीपीओ के समक्ष सरेंडर करने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
पिपरातरी जंगल में मिला मंजेश का शव
पुलिस की खोजबीन के दौरान बिहार के जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरातरी जंगल के समीप मंजेश कुमार का शव बरामद किया गया।
शव की स्थिति और सिर पर मिले चोट के निशानों को देखते हुए पुलिस हत्या की आशंका से जांच आगे बढ़ा रही है। आशंका है कि हत्या के बाद शव को जंगल में फेंका गया। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह, वारदात की जगह, इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना में शामिल लोगों की संख्या का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
पांच लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ
मामले की जांच के दौरान तिसरी थाना पुलिस ने खटपोंक पंचायत क्षेत्र से पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं, लगातार छापेमारी के बीच पिंटू यादव के सरेंडर की बात भी सामने आई है।
पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों और सरेंडर करने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मंजेश की हत्या के पीछे क्या कारण था और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना के बाद प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इस मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
बिहार पुलिस के सहयोग से चला तलाशी अभियान
मंजेश के लापता होने की सूचना मिलने के बाद तिसरी पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। करीब 30 घंटे के भीतर पिपरातरी जंगल के समीप शव बरामद कर लिया गया।
अब पुलिस का मुख्य फोकस हत्या के कारण, वारदात की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है।
एसडीपीओ बोले- जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा
खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही मीडिया के समक्ष पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
वहीं, तिसरी थाना प्रभारी शंभूनाथ ईश्वर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले में जो भी लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने की कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव तिसरी थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मंजेश कुमार ईमानदारी से अपना काम करता था और इसी कारण कुछ लोगों को उससे परेशानी थी। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी की भूमिका की जांच कराने की मांग की और कहा कि हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने संवेदक हरेराम चौधरी से फोन पर बात कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग भी की। उनके अनुसार, संवेदक ने मुआवजा देने की बात स्वीकार की है।
मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
राजकुमार यादव ने कहा कि यदि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो सड़क निर्माण कार्य रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से क्षेत्र में भय का माहौल पैदा होता है और विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।
अब इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
मंजेश कुमार की मौत के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं—आखिर उसे कौन लोग अपने साथ ले गए? उसकी हत्या कहां की गई? हत्या का कारण क्या था? वारदात में कितने लोग शामिल थे और शव को पिपरातरी जंगल तक कैसे पहुंचाया गया?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।






