गिरिडीह में आज होगा आसमानी उत्सव
गिरिडीह | सिटी न्यूज़: अक्टूबर की यह शाम गिरिडीह के आसमान को सुनहरी बना देगी। आज रात दिखाई देगा ‘हार्वेस्ट सुपरमून’, जो सामान्य पूर्णिमा की तुलना में 14% बड़ा और 30% ज़्यादा चमकीला होगा। यह नज़ारा न केवल खगोल प्रेमियों के लिए बल्कि हर गिरिडीहवासी के लिए यादगार क्षण साबित होगा।
क्या है ‘हार्वेस्ट सुपरमून’?
‘हार्वेस्ट मून’ वह पूर्णिमा होती है जो शरद विषुव (Autumnal Equinox) के सबसे नज़दीक आती है। पुराने समय में किसान इसकी रोशनी में रातभर खेतों में फसल काटते थे, इसलिए इसे ‘हार्वेस्ट मून’ कहा गया। जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे करीब होता है (पेरिजी) और उसी दिन पूर्णिमा पड़ती है — तब यह बन जाता है ‘सुपरमून’।
आज वही संयोग बन रहा है — इसलिए इसे कहा जा रहा है ‘हार्वेस्ट सुपरमून’।
गिरिडीह में कब और कैसे देखें
चाँद उदय: शाम 4:58 बजे
चाँद अस्त: सुबह 5:03 बजे
मौसम: हल्के बादल, पर दृश्यता बेहतर रहेगी
देखने का तरीका: खुले मैदान या छत से देखें, कैमरे में ट्राइपॉड लगाएँ और शहर की रोशनी से दूर रहें।
गिरिडीह जैसे शहर में जहाँ खुला आसमान और प्राकृतिक दृश्य हैं, वहाँ यह सुपरमून और भी आकर्षक लगेगा।
क्या होगा खास आज की रात
आसमान में ड्रेकोनिड्स उल्का वर्षा (Meteor Shower) की भी संभावना।
यह 2025 का पहला सुपरमून है।
चाँद का आकार क्षितिज के पास और भी बड़ा दिखेगा — जिसे कहा जाता है Moon Illusion।
क्यों नहीं चूकना चाहिए यह मौका
यह सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़ने का सुंदर अवसर है। अपने परिवार और बच्चों के साथ इस दृश्य का आनंद लें। फोटोग्राफी के शौकीन इस पल को कैमरे में कैद करें और तकनीक से थोड़ा दूर होकर आकाश की शांति महसूस करें।
City News Giridih की अपील:
आज रात अपनी छत या खुली जगह से आसमान जरूर देखें।
इस अद्भुत ‘हार्वेस्ट सुपरमून’ को मिस न करें — यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।












