गिरिडीह: तिसरी थाना क्षेत्र में एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी मंजेश कुमार के अपहरण और हत्या मामले का गिरिडीह पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मंजेश कुमार का शव झारखंड-बिहार सीमा से सटे जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र स्थित पिपरातरी जंगल से बरामद किया। बुधवार को एसपी डॉ. बिमल कुमार ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया।
बाघमारी मोड़ के पास से हुआ था अपहरण
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक गांव स्थित बाघमारी मोड़ के पास से एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में मुंशी के पद पर कार्यरत मंजेश कुमार (42) के अपहरण की सूचना मिली थी।
मंजेश कुमार मूल रूप से नंदपुर, थाना सूरजगढ़ा, जिला लखीसराय (बिहार) के रहने वाले थे। घटना के बाद उनके भाई गौतम कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर तिसरी थाना कांड संख्या 77/26, दिनांक 7 सितंबर 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
गंभीरता को देखते हुए गठित की गई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक ने अपहृत व्यक्ति की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ खोरीमहुआ अमरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
SIT ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, लगातार छापेमारी और पूछताछ के बाद चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर मंजेश कुमार का शव बरामद हुआ।
आपसी विवाद बना अपहरण और हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में घटना के पीछे कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर उपेन्द्र चौधरी और मुंशी मंजेश कुमार के बीच विवाद की बात सामने आई है।
बताया गया कि दोनों के बीच एक-दूसरे के काम में हस्तक्षेप करने तथा डीजल और अन्य खर्चों को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते प्रोजेक्ट मैनेजर उपेन्द्र चौधरी, पिन्टु कुमार यादव और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच जारी रखी है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- इम्तियाज अंसारी (39 वर्ष), पिता हररोज मियां, निवासी खिजुरिया, थाना सोनारायढाड़ी, जिला देवघर।
- शिव कुमार (30 वर्ष), पिता राम नरेश सहनी, निवासी सघनपुरा, थाना कथैया, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार।
- पिन्टु कुमार यादव (30 वर्ष), पिता किशुन यादव, निवासी भोगताडीह, थाना तिसरी, जिला गिरिडीह।
- राजेश कुमार सिंह (24 वर्ष), पिता विजय सिंह, निवासी नावागढ़चट्टी, थाना धनवार, जिला गिरिडीह।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और जांच के दौरान घटना से जुड़े कई सामान बरामद किए हैं। इनमें:
- घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल
- खून लगा पत्थर
- सखुआ का डंडा
- तीन मोबाइल फोन
शामिल हैं।
SIT टीम ने तेजी से की कार्रवाई
मामले के उद्भेदन में एसडीपीओ खोरीमहुआ अमरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम की अहम भूमिका रही। छापेमारी दल में तिसरी, गांवा, धनवार, देवरी और घोड़थंभा ओपी के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे।
टीम में पु०नि० रोहित कुमार महतो, तिसरी थाना प्रभारी पु०अ०नि० शम्भू नन्द ईश्वर, घोड़थंभा ओपी प्रभारी पु०अ०नि० धर्मेन्द्र कुमार, राजधनवार थाना प्रभारी पु०अ०नि० ब्रजेश कुमार, गांवा थाना के पु०अ०नि० सतीश कुमार, देवरी थाना के पु०अ०नि० रिशु कुमार सिन्हा समेत तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी और तिसरी थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।
पुलिस जांच में सामने आएंगे और तथ्य
मंजेश कुमार के शव की बरामदगी और चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, कांड के अग्रतर अनुसंधान के दौरान घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।





