गिरिडीह: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भाजपा गिरिडीह महानगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए समाहरणालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने JSSC-JPSC से जुड़े मामलों की CBI जांच, निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया और आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई।
गिरिडीह स्टेडियम से समाहरणालय तक निकला पैदल मार्च
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, पूर्व आईजी सह भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह सहित भाजपा के महानगर एवं ग्रामीण संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गिरिडीह स्टेडियम में जुटे।
यहां से भाजपा कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए समाहरणालय की ओर रवाना हुए। रास्तेभर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के हित में आवाज बुलंद की।
‘नौकरी हमारा अधिकार’ के नारों से गूंजा इलाका
समाहरणालय पहुंचने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘नौकरी हमारा अधिकार’, ‘कथित घोटाले की CBI जांच करो’ और ‘छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लो’ जैसे नारे लगाए गए।
भाजपा नेताओं का कहना था कि झारखंड के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों के भरोसे अपने भविष्य की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कथित गड़बड़ी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
भाजपा ने उठाई CBI जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने JSSC और JPSC से संबंधित कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा ने यह भी मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का सरकारी भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।
आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है।
समाहरणालय के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
भाजपा के प्रदर्शन और समाहरणालय घेराव को देखते हुए प्रशासन की ओर से परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कार्यक्रम में भाजपा के कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
JSSC-JPSC विवाद पर अब आगे क्या?
भाजपा की प्रमुख मांगों में CBI जांच, निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया और छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी शामिल है। अब इस प्रदर्शन के बाद सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अभ्यर्थियों और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।





