मुंबई की 2.65 करोड़ की चोरी की जांच पहुंची गिरिडीह के गावां
मुंबई में करीब 2.65 करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने झारखंड के गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंडरिया और सांख गांव में छापेमारी कर लाखों रुपये के सोने के आभूषण, अन्य चोरी का सामान और चोरी के पैसों से खरीदी गई महिंद्रा थार एसयूवी को जब्त किया।
यह कार्रवाई मुंबई के चर्चित चोरी कांड की जांच का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

घरेलू कर्मचारी निकले करोड़ों की चोरी के आरोपी
पुलिस के अनुसार, पंडरिया निवासी अमित यादव (26) और सांख निवासी सतीश कुमार (26) मुंबई के वर्ली थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र के उपसभापति संजय अहीर के घर घरेलू कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे।
धीरे-धीरे गायब करते रहे सोना और नकदी
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने लंबे समय तक घर में काम करने के दौरान धीरे-धीरे सोने के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी किया। जब लगातार सामान गायब होने लगा तो परिवार की शिकायत पर वर्ली पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान करीब 2 करोड़ 65 लाख रुपये की चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद वर्ली पुलिस स्टेशन में कांड संख्या 341/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पूछताछ में कबूल किया जुर्म, फिर गिरिडीह पहुंची मुंबई पुलिस
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पीएसआई योगेश थरवकर, एएसआई अरुण घटकर और सीआईडी टीम आरोपियों को साथ लेकर गिरिडीह पहुंची।
गावां पुलिस के सहयोग से हुई संयुक्त छापेमारी
मुंबई पुलिस ने गावां थाना पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपियों के घरों में छापेमारी की, जहां से करीब 4 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और अन्य चोरी का सामान बरामद किया गया।
चोरी के पैसों से खरीदी गई थार भी जब्त
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल कर दोनों आरोपियों ने महिंद्रा थार एसयूवी खरीदी थी। पुलिस ने वाहन को भी जब्त कर लिया।
गावां थाना प्रभारी जयप्रकाश कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने मुंबई पुलिस को पूरी कार्रवाई में सहयोग दिया। सभी बरामद सामान और जब्त थार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।

जांच जारी, हो सकते हैं और बड़े खुलासे
मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल और किन-किन जगहों पर किया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी के पैसे से अन्य संपत्तियां या सामान खरीदे गए हैं या नहीं।
अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।











