जंगल से लाए मशरूम का भोजन बना जानलेवा, महिला समेत दो बच्चों की बिगड़ी तबीयत
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगल से लाए गए जंगली मशरूम का सेवन एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। जहरीले मशरूम खाने से एक महिला समेत दो बच्चे अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। उल्टी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने पर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तिसरी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
भोजन के कुछ ही देर बाद शुरू हुई उल्टी और बेचैनी
मिली जानकारी के अनुसार तिसरी निवासी विजय यादव की 42 वर्षीय पत्नी सुनीता देवी और परिवार के दो बच्चों ने जंगल से लाए गए मशरूम को भोजन में शामिल किया था। भोजन करने के कुछ ही समय बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लगातार उल्टी और घबराहट बढ़ने पर परिजन तुरंत मदद के लिए आगे आए।

स्थानीय युवक की तत्परता से समय पर पहुंचा अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी विकास शर्मा मौके पर पहुंचे और मानवता का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए तीनों मरीजों को तीन पहिया वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तिसरी पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. ज्ञानेंद्र और स्वास्थ्यकर्मी अनूप ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण मरीजों की हालत फिलहाल नियंत्रण में है और सभी चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
डॉक्टर की चेतावनी- बरसात में जंगली मशरूम बन सकते हैं जानलेवा
डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि बारिश के मौसम में जंगलों में कई प्रकार के मशरूम उगते हैं। इनमें कुछ खाने योग्य होते हैं, जबकि कई प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं। आम लोगों के लिए इनकी सही पहचान करना आसान नहीं होता।

जहरीले मशरूम खाने के बाद दिख सकते हैं ये लक्षण
- लगातार उल्टी और दस्त
- तेज पेट दर्द
- घबराहट और चक्कर आना
- बेहोशी
- लीवर और किडनी पर गंभीर असर
- समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान का खतरा
स्वास्थ्य विभाग की अपील- अज्ञात मशरूम खाने से बचें
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जंगलों में मिलने वाले किसी भी अज्ञात मशरूम का सेवन न करें। यदि मशरूम खाने के बाद किसी भी प्रकार की अस्वस्थता महसूस हो तो घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति और जान का खतरा टाला जा सकता है।
तिसरी की यह घटना एक बड़ी सीख है कि प्राकृतिक दिखने वाली हर चीज सुरक्षित नहीं होती। बरसात के मौसम में जंगली मशरूम की सही पहचान करना बेहद कठिन है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए सतर्क रहें, वैज्ञानिक पहचान के बिना किसी भी जंगली मशरूम का सेवन न करें और किसी भी लक्षण के दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।












