गिरिडीह में साइबर ठगों पर शिकंजा, फर्जी सिम के जरिए लोगों को बना रहे थे निशाना
गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को RTO अधिकारी और डॉक्टर बताकर लोगों को कॉल करते थे और चालान व डॉक्टर अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वाहन भी बरामद किए हैं।
गुप्त सूचना पर क्षतिग्रस्त नर्सरी भवन में हुई छापेमारी
गिरिडीह के साइबर डीएसपी आर.के. राणा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के पुनईडीह गांव के समीप स्थित एक क्षतिग्रस्त नर्सरी भवन में कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए साइबर ठगी कर रहे हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- मो. कैफ अंसारी (21 वर्ष)
- मो. इरशाद अंसारी (19 वर्ष)
दोनों आरोपी गांडेय थाना क्षेत्र के बक्सीगरजा गांव के रहने वाले हैं।
RTO अधिकारी और डॉक्टर बनकर करते थे साइबर ठगी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को फोन करते थे।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
- खुद को RTO अधिकारी बताकर ऑनलाइन चालान के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे।
- डॉक्टर बनकर अपॉइंटमेंट बुकिंग और मेडिकल सेवा के नाम पर पैसे ठगते थे।
- फर्जी पहचान और मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों का विश्वास जीतकर ऑनलाइन ठगी करते थे।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई सामान जब्त किए हैं।
बरामद सामान
- 6 मोबाइल फोन
- 7 फर्जी/संदिग्ध सिम कार्ड
- 1 आईपैड
- 2 मोटरसाइकिल
साइबर थाना में मामला दर्ज, जांच जारी
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 22/2026 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।
लोगों से पुलिस की अपील
गिरिडीह पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी, RTO कर्मचारी या डॉक्टर बताकर पैसे की मांग करता है, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें और किसी भी तरह की साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।












