गिरिडीह/गावां: गावां थाना क्षेत्र के बिरने गांव में भौंरा के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तिलैया जंगल में भौंरों के झुंड के अचानक हमले में 58 वर्षीय सरकारी शिक्षक देवेंद्र सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल से घर लौट रहे थे शिक्षक, जंगल में हुआ अचानक हमला
जानकारी के अनुसार, बिरने निवासी शिक्षक देवेंद्र सिंह, पिता स्वर्गीय हरि सिंह, मंगलवार की दोपहर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बरमसिया से अपने पुत्र जीवन कुमार के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे।
इसी दौरान तिलैया जंगल के पास अचानक बड़े आकार के भौंरों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया। भौंरों के लगातार हमले से पिता-पुत्र घबरा गए और काफी मशक्कत के बाद जान बचाने के लिए झाड़ियों में छिप गए।
परिजनों को दी सूचना, बचाने पहुंचे लोगों पर भी हमला
भौंरों के हमले के बाद दोनों ने किसी तरह अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को वहां से सुरक्षित निकालकर बोलेरो वाहन से गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
इस दौरान शिक्षक और उनके पुत्र को बचाने पहुंचे परिजनों पर भी भौंरों ने हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर लौटे
गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर शहंशाह खान ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद परिजन घायल शिक्षक देवेंद्र सिंह को घर लेकर लौट आए।
लेकिन मंगलवार की रात करीब 10 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें दोबारा गावां अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने जांच के बाद किया मृत घोषित
अस्पताल में चिकित्सकों ने शिक्षक की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
छह बच्चों को छोड़ गए पीछे
देवेंद्र सिंह अपने पीछे तीन पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों से शिक्षक देवेंद्र सिंह को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता था। इसके बावजूद वह सरकारी शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
पोस्टमार्टम की तैयारी में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद गावां पुलिस मामले की कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है। भौंरों के हमले में शिक्षक की मौत की घटना से इलाके में भी चिंता का माहौल है।
जंगल और ग्रामीण इलाकों में सावधानी जरूरी
तिलैया जंगल में हुई इस घटना ने एक बार फिर जंगल से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर भौंरों या मधुमक्खियों के झुंड दिखाई देने पर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। झुंड के करीब जाने या उन्हें छेड़ने से बचना बेहद जरूरी है।





