
टुंडी रोड स्थित सेंट्रल जेल में पेन इंडिया कार्यक्रम के तहत बंदियो को कानून की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।मौके पर बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताते हुए डालसा सचिव संदीप कुमार बर्तम नें कहा कि नालसा और झालसा का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहे। जानकारी के अभाव में लोग अपनी मूलभूत अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। जिससे हमारे संविधान में निहित जन कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का लाभ हाशिए पर के लोगों को नहीं मिल पाता है। इसी उद्देश्य से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से कानूनी रूप से जागरूक किया जा रहा है। साथ ही साथ उनकी समस्याओं को जानकर उनका निदान करने के उद्देश्य से सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।न्यायिक दंडाधिकारी एडिथ होरो ने कहा 41 ए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत लोगो को गिरफ्तारी से पूर्व मामलों में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।उन्होंने कहा बंदियो को कानूनी प्रावधान के तहत बाहर निकलने के लिए सार्थक प्रयास करनी चाहिए।उन्होंने बंदियो से डालसा के किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया।
मौके पर जेल अधीक्षक राजमोहन राजन ने कहा संविधान के अनुसार कानून बनाए गए हैं।जिसमे कानून की तीन प्रमुख अधिनियम के तहत न्यायिक कार्य संचालित होता है।जेल पैनल अधिवक्ता एके सिन्हा ने कहा कि गिरफ्तारी से पूर्व उस मामले की जानकारी लेने का अधिकार है।पुलिस बिना 41 ए के सूचना दिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नही कर सकती।वही अब थाना में भी अधिवक्ता नियुक्त किए जा रहे हैं जो पकड़े गए लोगो को कानूनी सहायता देंगे।इसके पूर्व डालसा की टीम ने महिला वार्ड जाकर वहां साथ रह रहे बच्चों को खिलौना दिया।उपहार पाकर बच्चें मुस्कुरा उठे।कार्यक्रम में मीडिएटर श्यामदेव राय,अधिवक्ता समशूल होदा आदि ने संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन पीएलवी दिलीप कुमार ने किया।इस दौरान जेलर अंजय कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर पीआर दास,डालसा कर्मी नवनीत दाराद,जेल कर्मी सकलदेव पंडित, एके पांडेय,पीएलवी अनवारुल हक़,जेल पीएलवी प्राथना कुमारी,रमेश मंडल, अभिषेक शर्मा, संजय राय मौजूद थे।












