गिरिडीह/गांडेय: गांडेय थाना क्षेत्र के मेढ़ो स्थित जयंती नदी में मंगलवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। नदी में नहाने के दौरान डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। देर रात गोताखोरों ने करीब आधे घंटे के तलाश अभियान में एक-एक कर तीनों बच्चों के शव बरामद किए। हादसे के बाद से गांडेय और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है।
जयंती नदी में नहाना पड़ा भारी, तीन बच्चों की गई जान
मंगलवार शाम मेढ़ो स्थित जयंती नदी में बच्चे नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के साथ पुलिस और बचाव दल सक्रिय हुआ। रात में गोताखोरों ने नदी में तलाश अभियान चलाया और करीब आधे घंटे के भीतर तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए।
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। पूरे इलाके में गम और मातम का माहौल बन गया।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बच्चों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद स्थानीय क्षेत्र में ही 14 वर्षीय आदित्य कुमार का अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं करीब 15 वर्षीय अंश कुमार और 12 वर्षीय श्रेयश कुमार के शवों को दफना दिया गया। तीनों बच्चों की एक साथ हुई मौत ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।
कौन थे हादसे में जान गंवाने वाले तीनों बच्चे?
मृतकों की पहचान आदित्य कुमार, अंश कुमार और श्रेयश कुमार के रूप में हुई है।
आदित्य कुमार
14 वर्षीय आदित्य कुमार, विक्की बर्णवाल के दो बेटों में बड़ा था। वह संत मारिया विद्यालय, खोरीमहुआ मिशन में नौवीं कक्षा का छात्र था। विक्की बर्णवाल मूल रूप से चास, बोकारो के रहने वाले हैं और करीब सात वर्ष पहले गांडेय आकर किराये के मकान में रहने लगे थे।
उन्होंने पहले सरकारी शराब दुकान में सेल्समैन के रूप में काम किया। नौकरी छूटने के बाद गांधी नगर में बजाज शोरूम के समीप चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
अंश कुमार
करीब 15 वर्षीय अंश कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह पीएम श्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय, गांडेय में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
श्रेयश कुमार
12 वर्षीय श्रेयश कुमार गांधी नगर स्थित एक निजी विद्यालय में पांचवीं कक्षा का छात्र था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति भी सीमित थी और मेहनत-मजदूरी के जरिए परिवार बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का इंतजाम करता था।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे सामाजिक और राजनीतिक संगठन
हादसे की जानकारी मिलने के बाद विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। राष्ट्रीय मोदी बर्णवाल विकास संघ की ओर से संगठन मंत्री मनोज मोदी ने विक्की बर्णवाल के परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
वहीं प्रखंड प्रमुख राजकुमार पाठक, झामुमो जिला सचिव महालाल सोरेन, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष, सचिव समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भी शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
मुआवजे के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन
जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत मिलने वाले मुआवजे को दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस मुश्किल घड़ी में परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
तीन घरों की खुशियां छीन ले गया एक हादसा
जयंती नदी में हुआ यह हादसा तीन परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है। जिन बच्चों से परिवारों को भविष्य की उम्मीदें थीं, उनकी असमय मौत ने परिजनों को तोड़कर रख दिया।
गांडेय समेत आसपास के क्षेत्रों में घटना को लेकर शोक का माहौल है। तीन मासूम जिंदगियों का यूं अचानक खत्म हो जाना कई परिवारों के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
हादसे से एक बड़ा सवाल भी सामने
नदी और जलाशयों में बच्चों के नहाने के दौरान होने वाले हादसे एक बार फिर सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को सामने लाते हैं। गहरे पानी वाले स्थानों पर सावधानी, बच्चों की निगरानी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा संबंधी जागरूकता ऐसे हादसों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






