गिरिडीह: दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशा एवं श्राद्धकर्म कार्यक्रम को लेकर गिरिडीह में तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। 17 सितंबर को उत्सव उपवन स्थित उनके आवासीय परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर झारखंड के विभिन्न हिस्सों में कई हजार निमंत्रण कार्ड वितरित किए गए हैं।
चार बड़े पंडालों में होगी हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की संख्या को देखते हुए चार बड़े पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। इनमें एक साथ हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो अलग-अलग श्रद्धांजलि सभा स्थल भी बनाए जा रहे हैं।
आयोजन समिति की ओर से मुख्य द्वार से कार्यक्रम स्थल तक आगंतुकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पेयजल समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कई बड़े नेताओं के पहुंचने की संभावना
द्वादशा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की संभावना है। वीआईपी के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों के आने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
कार्यक्रम में संभावित भीड़ को देखते हुए डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. विमल कुमार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। अधिकारियों ने सुरक्षा, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।
प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। साथ ही बाहर से आने वाले वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था चिन्हित की जा रही है।

शहर से प्रमुख मार्गों तक लगाए गए ‘अंतिम जोहार’ कटआउट
सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए गिरिडीह शहर के अलावा डुमरी रोड, देवघर मार्ग, धनबाद मार्ग और जमुआ मार्ग पर जगह-जगह ‘अंतिम जोहार’ के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं।
उत्सव उपवन परिसर में भी सुदिव्य कुमार सोनू की बड़ी तस्वीर लगाई गई है, जो कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धांजलि का प्रमुख केंद्र रहेगी।
आयोजन को अंतिम रूप देने में जुटी समिति और प्रशासन
17 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर गिरिडीह में तैयारियां तेज हैं। पंडाल, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और भीड़ प्रबंधन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति के सामने कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी है।






