वाहन और मकान दिलाने के नाम पर लोगों को बनाया शिकार, EMI भरने का वादा निकला अधूरा; बैंक के रिकवरी नोटिस से परेशान हुए पीड़ित
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में 70 प्रतिशत सरकारी अनुदान और सब्सिडी पर वाहन एवं मकान दिलाने का झांसा देकर 20 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पचंबा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राधास्वामी संगठन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश सिन्हा, उनकी पत्नी एवं संगठन की मीडिया प्रभारी अनीशा सिन्हा, सुबोध सिंह और सुमित सिन्हा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर 50 से अधिक लोगों से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित ठगी करने का आरोप है।
डीएसपी आरके राणा ने दी मामले की जानकारी
मामले को लेकर डीएसपी आरके राणा ने प्रेस वार्ता कर पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब इस पूरे मामले के नेटवर्क, बैंक खातों, पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
70% सब्सिडी का दावा, लोगों से जमा कराए गए 30 प्रतिशत रुपये
वाहन दिलाने के लिए बनाया गया कथित प्लान
पीड़ितों के आरोप के अनुसार, लोगों को बताया गया कि सरकारी योजना के तहत वाहन की कीमत पर 70 प्रतिशत तक अनुदान या सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
कथित तौर पर लाभुकों से वाहन की कुल कीमत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा संगठन के खाते में जमा कराया गया, जबकि बाकी 70 प्रतिशत राशि बैंक से उनके नाम पर फाइनेंस कराई गई।
सबसे बड़ा भरोसा यह दिया गया कि बैंक से लिए गए लोन की मासिक EMI संगठन स्वयं जमा करेगा और लाभुकों को किस्त चुकाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
इसी भरोसे में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगा दी और बैंक से लोन भी ले लिया।
EMI नहीं भरी गई तो घर पहुंचने लगे बैंक के नोटिस
पीड़ितों के सामने खड़ी हुई दोहरी परेशानी
पीड़ितों का आरोप है कि वाहन मिलने के बाद संगठन की ओर से बैंक लोन की EMI जमा नहीं की गई। बताया जा रहा है कि एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद बैंक में कथित तौर पर कोई किस्त जमा नहीं हुई।
अब लोन डिफॉल्ट होने के बाद पीड़ितों के घर रिकवरी नोटिस और वाहन जब्ती के नोटिस पहुंचने लगे हैं।
इससे लोगों के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। एक ओर उनकी जमा रकम फंस गई, तो दूसरी ओर बैंक लोन चुकाने का दबाव भी उनके ऊपर आ गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पचंबा थाना पहुंचे पीड़ित
कई लोगों ने पुलिस के सामने रखी शिकायत
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कथित पीड़ित पचंबा थाना पहुंच गए। बरगंडा निवासी ओम नाथ गोस्वामी, बक्सीडीह निवासी रानू सिन्हा, घोरंजो निवासी तालिब हसन, पचंबा निवासी राजीव कुमार समेत कई लोगों ने पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत रखी।
पीड़ितों ने संयुक्त रूप से आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने संगठन और उसके प्रतिनिधियों पर भरोसा कर अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी, लेकिन अब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ वाहन नहीं, मकान निर्माण के नाम पर भी कथित ठगी का आरोप
सरकारी अनुदान का झांसा देकर लोगों को फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, इस कथित ठगी का मामला केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। आरोपियों पर मकान निर्माण कराने के नाम पर भी लोगों से रकम लेने का आरोप लगाया गया है।
भारी सरकारी अनुदान और विशेष सुविधाएं दिलाने का भरोसा देकर लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में गिरिडीह नगर, मुफ्फसिल और पचंबा थाना क्षेत्र के कई लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
20 करोड़ रुपये कहां गए? पुलिस खंगाल रही पूरा नेटवर्क
बैंक खाते, दस्तावेज और लेन-देन की होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह पुलिस अब कथित ठगी के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों, वाहन फाइनेंस से जुड़े कागजात और लाभुकों से ली गई रकम की जांच की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि—
- कितने लोगों से रकम ली गई?
- कुल कितनी राशि बैंक से फाइनेंस कराई गई?
- संगठन के खातों में जमा पैसे का इस्तेमाल कहां हुआ?
- इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी की लोगों से अपील—सब्सिडी और अनुदान के नाम पर रहें सतर्क
निजी खाते में पैसे जमा कराने से पहले करें पूरी जांच
डीएसपी आरके राणा ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी अनुदान, सब्सिडी, लोन माफी या किसी विशेष योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी के झांसे में न आएं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति निजी खाते में पैसे जमा कराने या बैंक की EMI खुद भरने का दावा करता है, तो किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की गई है।





