इलाज के दौरान सहोदर यादव की मौत, गुस्साए परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम
गिरिडीह: जिले के बिरनी प्रखंड स्थित बाराडीह गांव में जमीन विवाद के दौरान पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना में गंभीर रूप से झुलसे सहोदर यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। रांची में उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी जिंदगी की जंग हारने के बाद शनिवार सुबह गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने जुठहा–आम बागोडीह मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
12 घंटे में गिरफ्तारी और ओपी प्रभारी को हटाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मामले के नामजद आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय को हटाने की भी मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि 12 घंटे के भीतर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, समझाइश के बाद खुला जाम
सड़क जाम की सूचना मिलते ही एसडीपीओ धनंजय राम, बीडीओ फणीश्वर रजवार, इंस्पेक्टर अजय कुमार तथा बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से लंबी वार्ता कर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और सड़क जाम समाप्त किया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
पुलिस का बयान: आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी
एसडीपीओ धनंजय राम ने बताया कि सहोदर यादव की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई थी। शनिवार सुबह परिजनों ने शव रखकर सड़क जाम किया, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
उन्होंने कहा कि परिजनों को उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। पुलिस नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जाता है कि 23 जुलाई को बिरनी प्रखंड के बाराडीह गांव में जमीन विवाद के दौरान सहोदर यादव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा देने का आरोप लगाया गया था। घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गए थे और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया था। कई दिनों तक जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।












