गिरिडीह: आस्था और धार्मिक यात्रा के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। बोकारो के रहने वाले 16 लोगों ने वैष्णो देवी यात्रा पर ले जाने के नाम पर करीब 48 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने इस संबंध में मुफस्सिल थाना पुलिस को आवेदन देकर पैसे वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वैष्णो देवी यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति लिए गए 3 हजार रुपये
पीड़ित रीना देवी ने बताया कि उनकी एक रिश्तेदार, जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनियाडीह स्थित कोपा गांव में रहती हैं, उनके माध्यम से बनियाडीह निवासी आरती सिंह से संपर्क हुआ था। बातचीत के बाद सभी लोगों ने वैष्णो देवी यात्रा पर जाने की तैयारी शुरू कर दी।
16 लोगों से वसूले गए कुल 48 हजार रुपये
आरोप है कि यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 3 हजार रुपये लिए गए। इस तरह कुल 16 लोगों से करीब 48 हजार रुपये जमा कराए गए। पीड़ितों के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि 25 अगस्त को वैष्णो देवी के लिए यात्रा रवाना होगी।
तारीख पर तारीख मिलने से बढ़ा शक
रीना देवी का आरोप है कि 25 अगस्त को यात्रा शुरू नहीं हुई। इसके बाद लगातार नई तारीखें दी जाती रहीं। जब काफी दिनों तक यात्रा नहीं हुई तो लोगों को शक हुआ कि उनके साथ धोखा किया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि वे इस मामले की जानकारी लेने के लिए बोकारो से गिरिडीह पहुंचे, जहां उन्हें कथित तौर पर ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ितों ने पुलिस से की पैसे वापस दिलाने की मांग
सभी पीड़ितों ने मुफस्सिल थाना पुलिस को आवेदन सौंपकर ठगे गए 48 हजार रुपये वापस दिलाने और मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
आरोपी महिला ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, इस मामले में दूरभाष पर संपर्क किए जाने पर आरती सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए ठगी के आरोपों को निराधार बताया है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस जांच के बाद खुलेगा पूरा राज
धार्मिक यात्रा और आस्था के नाम पर कथित ठगी का यह मामला अब पुलिस के पास पहुंच चुका है। पुलिस जांच में यह सामने आएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में श्रद्धालुओं से वैष्णो देवी यात्रा के नाम पर पैसे लेकर धोखा किया गया।





